पितृ पक्ष में पड़ने वाले एकादशी के व्रत को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। यह व्रत बहुत ही खास माना जाता है।
इंदिरा एकादशी का व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस बार यह तारीख 13 सितंबर यानी रविवार को पड़ रहा है।
महाभारत में इस व्रत का जिक्र किया गया है। इस व्रत के महत्व के बारे में स्वयं कृष्ण भगवान ने धर्मराज युधिष्ठिर को बताया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। माना जाता है कि इंदिरा एकादशी के दिन विष्णुजी की विधि-विधान से पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
इंदिरा एकादशी के दिन गाय के घी का दीपक शाम को तुलसी के सामने जलाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
पुराणों में लिखा गया है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। कहते हैं कि एकादशी के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने से आर्थिक स्थिति सुधरने के साथ ही कर्ज से मुक्ति मिलती है।
इंदिरा एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक लगाए और ॐ वासुदेवाय नमः मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और घर में किसी भी तरह का संकट नहीं आता है।