Home उत्तराखंड झंडा मेला: सीएम तीरथ और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने दी झंडा मेले के शुभकामनाएं, यहां पढ़ें मान्यता

झंडा मेला: सीएम तीरथ और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने दी झंडा मेले के शुभकामनाएं, यहां पढ़ें मान्यता

22 second read
0
8

रिपोर्ट: नंदनी तोदी
देहरादून: झंडे मेला उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेल है जो देहरादून में मनाया जाता हैं| इसे श्री गुरु राम राय जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो सिखों के सातवें गुरु के सबसे बड़े पुत्र हैं – श्री हर राय जी। लेकिन इस साल ये मेला थोड़ा अलग होगा। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए श्रीदरबार साहिब और मेला प्रबंधन कमेटी ने इस साल मेले को सीमित रखने का फैसला किया है।

 

आज यानी अप्रैल 2 को इस मेले का शुभारम्भ होना है। उसके बाद चार अप्रैल को नगर परिक्रमा के बाद मेला संपन्न हो जाएगा। इस अवसर पर सीएम तीरथ और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी को शुभकामनाये दी।

सीएम तीरथ ने ट्वीट कर लिखा, “देहरादून के ऐतिहासिक झंडा मेला की हार्दिक शुभकामनाएं। गुरु महाराज जी सभी भक्तजनों पर अपनी कृपा बनाए रखें।मुझे विश्वास है कि कोविड-19 के इस चुनौतीपूर्ण दौर में पूरी सतर्कता, आस्था और जज्बे के साथ इस धार्मिक मेले का सफल आयोजन किया जाएगा।”

वही पूर्व सीएम ने अपने लगातार ट्वीट में लिखा, “मानवता व विश्वास से ओत-प्रोत देहरादून के ‘ऐतिहासिक झंडा मेला’ की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। झंडा मेला विशिष्ट परंपराओं को समेटे है तथा यह श्रद्धाभाव का भी मेला है। श्री गुरू राम राय जी महाराज की सीख एवं संदेश आज कहीं अधिक प्रासंगिक है।”

उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, “कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए मेरा सभी श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन है कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का हम अवश्य अनुपालन करें। भक्ति भी और कड़ाई भी। ”

आपको बता दें, इस मेले के लिए यह मान्यता हैं की जिन महिलाओ को ये झंडा सिलने का मौका मिलता हैं उनके जीवन के सरे कष्ट दूर हो जाते हैं| इतना ही नहीं लोगो का कहना हैं कि गुरु राम राय की मृत्यु काफी रहस्यमयी ढंग से हुई थी|

मान्यता है की जब भी कोई व्यक्ति अपने जीवन मे चल रही समस्या का जवाब नहीं ढूंढ पता है तो वह यहां आकर अगर अपनी समस्या को सच्चे दिल से महिमाप्रकाश जो कि उदासीन परंपरा की धार्मिक किताब में पढ़ता है और किताब का कोई भी पन्ना खोलता है। तो उस पर उसे उसका जवाब मिलता है।

 

Load More In उत्तराखंड
Comments are closed.