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जया एकादशी: जानिये पूजन विधि और शुभ समय

By: RNI Hindi Desk 
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जया एकादशी: जानिये पूजन विधि और शुभ समय

हिन्‍दू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष माघ महीने के शुक्‍ल पक्ष में जया एकादशी आती है। इस व्रत में भगवान श्री विष्णु की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस दिन व्रत-उपवास रखकर धूप, दीप, नैवेद्य आदि से श्रीहरि विष्णु का पूजन करने का महत्व है।

इस बार यह एकादशी आज यानी बुद्धवार को पड़ रही है, मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने वाले व्यक्ति को मृत्यु के पश्चात भूत, प्रेत और पिशाच की योनि से भी मुक्ति मिल जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि। 

जया एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त- 

जया एकादशी की तिथि: 5 फरवरी 2020 
एकादशी तिथि प्रारंभ: 4 फरवरी 2020 को रात 9 बजकर 49 मिनट से 
एकादशी तिथि समाप्‍त: 5 फरवरी 2020 को रात 9 बजकर 30 मिनट तक
पारण का समय: 6 फरवरी 2020 को सुबह 7 बजकर 7 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक।

कैसे करे भगवान विष्णु का पूजन –

एकादशी के दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्‍नान करके व्रत का संकल्‍प लेते हुए भगवान विष्‍णु का ध्‍यान करें। अब घर के मंदिर में एक चौकी में लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्‍णु की प्रतिमा स्‍थापित करें। ऐसा करने के बाद एक लोटे में गंगाजल लेकर उसमें तिल, रोली और अक्षत मिलाएं।

इसके बाद इस लोटे के जल की कुछ बूंदें लेकर चारों ओर छिड़कें, इसी लोटे से घट स्‍थापना कर दें। अब भगवान विष्‍णु को धूप-दीप दिखाकर उन्‍हें पुष्‍प अर्पित करें। घी के दीपक से विष्‍णु की आरती उतारते हुए विष्‍णु सहस्‍नाम का पाठ करें। 

श्री हरि विष्‍णु को तुलसी दल का प्रयोग करके तिल का भोग लगाएं। इस दिन तिल का दान करना उत्तम माना जाता है। शाम के समय भगवान विष्‍णु की पूजा कर फलाहार ग्रहण करें।

अगले दिन द्वादशी को सुबह किसी ब्राह्मण को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा देकर विदा करें। ऐसा करने के बाद खुद भी भोजन ग्रहण करते हुए अपने व्रत का पारण करें।

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