पुलवामा के त्राल का रहने वाला डीएसपी देविंदर सिंह आतंकवादियों के साथ गिरफ्तारी के बाद से सुर्खियों में है। त्राल वही इलाका है जो हिज्बुल मुजाहिदीन का गढ़ माना जाता है। आतंकी बुरहान वानी और जाकिर मूसा भी इसी इलाके का रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि बर्खास्त डीएसपी देविंदर सिंह की हरकतों पर कुछ दिनों से नजर रखी जा रही थी। इसके साथ ही पुलिस देविंदर सिंह का फोन भी ट्रैक कर रही थी। अधिकारियों ने दावा किया है कि उनलोगों को विश्वास था कि, देविंदर सिंह किसी गलत काम में लगा हुआ था। लेकिन बाद में उसके घर छापेमारी हुई थी जिससे अधिकारियों का शक पुख्ता हो गया।
देविंदर सिंह के इंदिरा नगर के पॉश एनक्लेव में स्थित घर में छापेमारी से पांच ग्रेनेड और तीन एके-47 राइफल भी बरामद हुए थे। इसमें कागजी कार्रवाई के अलावा उसके निवेश और संपत्ति का विवरण भी शामिल है, जो उप अधीक्षक को मिलने वाले वेतन से कही अधिक है।
अधिकारियों की मानें तो, अगर वह इन आतंकवादियों के साथ दिल्ली जा रहा होता तो मसला कुछ गंभीर था। क्योंकि ऐसा नहीं होता तो उसे साथ जाने की जरूरत क्या थी, लेकिन अब देविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसने खुद ही कई खुलासे कर दिए हैं। देविंदर सिंह ने आऱोप लगाया है कि पुलिसबल में तैनात एक औऱ वरिष्ठ अधिकारी आतंकवादियों के लिए काम कर रहा है। पूछताछ में देविंदर सिंह ने माना कि आतंकवादियों की मदद करके उसने बड़ी गलती की है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि देविंदर सिंह को ड्रग माफियाओं के साथ गहरा संबंध था।