मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे राज्य स्तरीय साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान **“SAFE CLICK-2026 2.0”** के तहत पन्ना जिले में अभियान के दूसरे दिन विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू ने उपस्थित पत्रकारों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस दौरान सभी ने डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने, अनजान लिंक और संदिग्ध संदेशों पर क्लिक न करने तथा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, एटीएम, सीवीवी और पासवर्ड किसी से साझा न करने का संकल्प लिया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और लोग विभिन्न ऑनलाइन तरीकों से ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों को आमजन तक पहुंचाकर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान ने कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के उपयोग और बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में साइबर सुरक्षा पर आधारित क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव तथा डिजिटल सुरक्षा से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत किया गया। अधिकारियों ने छात्रों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया और उन्हें सतर्कता के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की सलाह दी।

गौरतलब है कि SAFE CLICK-2026 2.0 अभियान 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि आमजन को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखा जा सके।
पन्ना पुलिस का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर एक सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल समाज का निर्माण करना है।