रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: मंगलवार 13 अप्रैल से मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा करके मां को प्रसन्न कर मन मांगी मुरादें पूरी कर सकते हैं। मंगलवार से नवरात्र लग रहा है, इन पवित्र नौ दिनों में मां की पूजा कर मां को प्रसन्न करने का उत्तम समय माना जाता है। आइये जानते हैं मां को प्रसन्न करने के विधि और विधान…

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की उपासना के लिए घटस्थापना की जाती है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा का विधान है। नवरात्रि के पहले मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
अगर आप नवरात्र में घटस्थापना करते हैं तो उसके कुछ विधि-विधान हैं। हम आपको बतातें हैं कि कैसै करें घट स्थापना?
सबसे पहले आप मिट्टी को चौड़े मुंह वाले बर्तन में रखें और उसमें सप्तधान्य बोएं। इसके बाद उसके ऊपर कलश में जल भरें और उसके ऊपरी भाग (गर्दन) में कलावा बांधें। आम या अशोक के पत्तों को कलश के ऊपर रखें। नारियल में कलावा लपेटे। उसके बाद नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर और पत्तों के मध्य रखें। घटस्थापना पूरी होने के पश्चात् मां दुर्गा का आह्वान करें।
मंगलवार 13 अप्रैल से लोगो के जीवन में मंगल करने के लिए माता नवरात्र के इस पावन पर्व पर सबके घरों में आ रही हैं। नवरात्र लगने के शुभ मुहूर्त को देखें तो सुबह 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक शुभ मुहूर्त है। जबकि घटस्थापना करने वाले लोगों के लिए सुबह शुभ मुहूर्त 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
कलश स्थापना के बाद मां शैलपुत्री की आराधना करें। मां का रुप नवरात्र के पहले दिन काफी मनमोहक और सरस होता है। मां शैलपुत्री इस दिन हांथों में कमल लेकर आती हैं। मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।