रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: भारतीय टीम ने ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज को जीतकर इतिहास रच दिय़ा है। जिसके बाद भारतीय टीम को नये भारत के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय टीम के आधे से अधिक खिलाड़ी चोटिल होकर टीम से बाहर हो गये थे। उसके बाद भारतीय टीम नये खिलाड़ियो से सज कर गाबा के मैदान पर उतरी। ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में ही मात देकर खिताब अपने नाम कर ली। आज हम आपको बतायेंगे कि गाबा मैच फतह करने से 30 मिनट पहले बल्लेबाजीकर रहे खिलाड़ियों के मन में क्या चल रहा था।
टीम के हीरो ऋषभ पंत ने जीत के बाद बताया कि जब आखिरी के 8 ओवर में 50 रनों की दरकार तब उन्होने दूसरे छोर पर बल्लेबाजी कर रहे वाशिंगटन सुंदर से क्या बोले। पंत ने बताया कि “मैंने सुंदर से कहा-अब तेज गति से रन बनाने की जरूरत है। तुम टिक कर खेलो, मैं शॉट मारता हूं। लेकिन, सुंदर इसके लिए राजी नहीं हुए। उन्होंने मुझसे कहा-तुम्हारा आखिर तक क्रीज पर रहना जरूरी है। तुम संभल कर खेलो, मैं अटैक करता हूं।“
इस बातचीत के बाद सुंदर ने ऐसा ही किया पारी के 93वें ओवर में पैट कमिंस की गेंद पर एक चौका और एक दनदनाता छक्का जड़ दिया। इस ओवर में 11 रन बनाये। आपको बता दें कि 92 ओवर में टीम को जीत के लिए 48 गेंदो में 50 रनों की दरकार थी। अब 42 गेंदो में टीम को जीत के लिए 39 रनों की दरकार हो गई।
अगला ओवर नाथन लॉन करने आये लॉयन के इस ओवर में टीम ने 15 रन बनाये। वहीं ऋषभ पंत ने इस ओवर में दो लगातार चौके चमा दिए, जबकि एक चौका बाई के रुप में मिल गया। भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित होने ही वाली थी, तभी सुंदन ने अपना विकेट गंवा दिया। पंत ने आगे कहा कि जब वो बल्लेबाजीकरने विकेट पर आये थे, तो वो टीम को जीत दिलाने की सोच कर आये थे।
ड्रॉ का तो उनके दिमाग में नहीं था। उन्होने कहा कि यह सुनहरा मौका मैं अपने हाथ से नहीं जाने देने चाह रहा था। गाबा टेस्ट की चौथी पारी में जब मैं उतरा तो मुझे लगा कि आज भी मेरे पास भारत के लिए कुछ स्पेशल हासिल करने का मौका है। एक स्पेशल जीत। और मैने ऐसा ही किया।