उज्जैन में गुरुवार को गुड़ी पड़वा के अवसर पर हिंदू नववर्ष और विक्रम संवत का शुभारंभ उत्साह और आस्था के साथ हुआ। सुबह श्रद्धालु रामघाट पर एकत्र होकर शिप्रा नदी में पूजन किया इस दौरान महिलाओ ने शंख बजाकर नववर्ष का आगाज कर और सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने भी शिप्रा तट पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए। आज शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन में तरणताल का लोकार्पण करेंगे।
सुबह गुडी पडवा पर्व पर नववर्ष की शुरुआत शिप्रा नदी के रामघाट पर पण्डे पुरोहित के साथ कुलगुरु अर्पण भारद्वाज, राम राजेश मिश्र, पंडित राजेश त्रिवेदी, माया त्रिवेदी, रमण सोलंकी सहित कई महिला पुरुष और विद्वान एकत्रित हुए, महिलाओ ने शंख बजाकर नव वर्ष की शुरुआत की तो वहीं बड़ी संख्या में लोगो ने सूर्य को अर्घ्य देकर हिन्दू नववर्ष की शुरुआत की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सृष्टि के आरंभ में भगवान महाकाल की प्रेरणा से ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इसी कारण गुड़ी पड़वा के दिन ब्रह्मध्वज का विशेष महत्व माना जाता है। महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ब्रह्मध्वज स्थापित कर ध्वजारोहण किया जाएगा।