रिपोर्ट: नीरज परिहार/ सत्यम दुबे
आगरा: यूपी के आगरा जिले के पिनाहट क्षेत्र में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पिनाहट क्षेत्र में चंबल नहीं खतरे के निशान से मात्र 2.25 मीटर दूर है। चंबल के उफान लेने के बाद जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने निरीक्षण किया। इलाकों में हाई एलर्ट जारी कर राजस्व कर्मचारियों को सतर्कता के दिशा-निर्देश दिये गए हैं।
आपको बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण चंबल नदी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लगातार जलस्तर बढ़ने से इलाकों में रहने वाले लोग डरे हैं। तटवर्ती इलाकों से लोग सुरक्षित स्थानों के लिए जाने लगे हैं। जिस तेजी से चंबल नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, कयास लगाया जा रहा है कि इस बार 2019 का भी रिकॉर्ड टूट सकता है। खतरे की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
मंगलवार दोपहर तक नदी का जलस्तर पिनाहट घाट पर एक 128.5 मीटर तक पहुंच गया है जो कि खतरे के निशान से महज 2.5 मीटर दूर है। चंबल के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर DM के साथ, बाह SDM, राजस्व कर्मचारियों नदी के जल स्तर का जायजा लेने पहुंचे।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों को लेकर राजस्व कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गांव में निवास करने की एवं जल स्तर पर निगरानी बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। किसी भी परिस्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
साल 2019 में चंबल खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर चली गई थी, जिससे रिकॉर्ड टूट गया था। कई गांव पानी की बाढ़ की चपेट में आ गए थे। बाढ़ के पानी से फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी। किसानों एवं ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ था।
चंबल नदी में जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बसे गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है। बाढ़ के पानी से बाह, पिनाहट, जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव रेहा, कछियारा, डगोरा, ऊपरी पुरा, उमरैठापुरा, जेबरा, गुर्जा शिवलाल, झरना पुरा, भगवानपुरा, डाल का पुरा, सिमराई, गोहरा, गुढ़ा, भटपुरा, रानीपुरा, आदि गांव प्रभावित हो रहे हैं।