मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में मालवा क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मालवा की अनुकूल जलवायु, भौगोलिक स्थिति और मजबूत कनेक्टिविटी उद्योगों के लिए अत्यधिक उपयुक्त वातावरण प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से 8-लेन एक्सप्रेस-वे द्वारा बेहतर संपर्क होने से परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, जिससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में आयोजित पीथमपुर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव एवं पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पीथमपुर की 40 वर्षों की औद्योगिक यात्रा को उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसमें उद्योग जगत की उपलब्धियों, संघर्ष और नवाचारों को रेखांकित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योग, महिला, किसान और गरीब-हर वर्ग के विकास की बयार देश में बह रही है। वैश्विक संगठनों के साथ व्यापारिक समझौते और नई ट्रेड डील्स के माध्यम से भारत निरंतर प्रगति कर रहा है और विश्व पटल पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों के दायरे को लगातार विस्तार दे रही है, ताकि औद्योगिक विकास केवल पीथमपुर तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में नए आयाम स्थापित करे। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी (MPIDC) के माध्यम से इंडस्ट्रियल बेल्ट के समग्र विकास के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश एक उद्योग-फ्रेंडली राज्य के रूप में उभर रहा है। सरकार अंतरिक्ष और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी ने साहित्यिक साधना के माध्यम से पीथमपुर की 40 वर्षों की यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि 1983-84 के दशक में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बावजूद पीथमपुर ने संघर्ष, परिश्रम, धैर्य और नवाचार के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई। आज फार्मास्युटिकल से लेकर ऑटोमोबाइल तक, पीथमपुर ने देश-प्रदेश में विशिष्ट स्थान अर्जित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) के समर्पित भवन की स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि यह भवन वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और पेशेवर उत्कृष्टता को और मजबूती प्रदान करेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉ. गौतम कोठारी द्वारा लिखित स्मारक ग्रंथ “Pithampur: Zero to Zenith – A Journey of 40 Years” का विमोचन किया। यह पुस्तक पीथमपुर की औद्योगिक उत्कर्ष गाथा, उपलब्धियों और क्रमिक विकास का प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करती है।
पीथमपुर औद्योगिक संगठन द्वारा प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाले प्रयासों के लिए “एंकर्स ऑफ इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस” सम्मान प्रदान किया गया। विशेष रूप से वर्ष 1980 के मध्य से 1990 के मध्य तक के 40 अग्रणी उद्योगपतियों को पीथमपुर औद्योगिक नगरी की सुदृढ़ नींव रखने में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास गान का औपचारिक प्रदर्शन किया गया। यह प्रेरक गान डॉ. गौतम कोठारी द्वारा निर्मित है, जो प्रदेश की औद्योगिक प्रगति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, नीति-निर्माता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पीथमपुर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव ने यह स्पष्ट किया कि मालवा की भौगोलिक ताकत, मजबूत अधोसंरचना और सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियां मध्यप्रदेश को औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।