ग्वालियर जिले के ग्राम कुलैथ में कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित किसान सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया और किसानों, पशुपालकों तथा ग्रामीणों को सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने हालिया बजट में किसान कल्याण के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं शामिल की हैं। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं, सोलर पंप, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि इन योजनाओं से किसानों की आय में ठोस वृद्धि होगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसंध-चंबल जैसी सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से पूरे चंबल अंचल को हरा-भरा बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सनातन संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस तरह अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बना है, उसी तरह भविष्य में मथुरा के विकास की भी कामना है। उन्होंने जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए भगवान कृष्ण की युक्ति और बुद्धि से सीख लेने का संदेश दिया।

किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अहम घोषणाएं कीं-
किसानों के भू-अधिकार पट्टों की रजिस्ट्री अब सरकार अपने खर्च पर कराएगी, इसके लिए ₹3000 करोड़ का प्रावधान।
प्रदेश में दूध उत्पादन 9% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य।
कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को दूध उपलब्ध कराने के लिए ₹300 करोड़ की योजना।
25 से 200 गौ माता पालने वाली डेयरी परियोजनाओं को बड़ी सब्सिडी, 40 लाख की परियोजना पर 10 लाख तक की सहायता।
किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप स्वीकृत, ताकि वे स्वयं बिजली उत्पादन कर सकें।

मुख्यमंत्री ने ग्वालियर क्षेत्र में ₹87.21 करोड़ के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और खेल से जुड़े कार्य शामिल हैं। उन्होंने कुलैथ में जगन्नाथ मंदिर के पास यात्रियों के ठहरने के लिए भवन और सड़क निर्माण, खेल मैदान विकसित करने, उद्योग स्थापना और महेश्वरा पत्थर खदान को पुनः शुरू करने के प्रयास का भी आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में शामिल 18 कन्हैया टीमों और 28 बैलगाड़ी मालिकों को मुख्यमंत्री ने प्रति टीम/गाड़ी ₹5000 देने की घोषणा की। इससे स्थानीय परंपराओं और ग्रामीण खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके लिए बजट में ₹23,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग-महिला, किसान, युवा और गरीब-को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने किसानों को केवल वोट बैंक समझा, जबकि मौजूदा सरकार उन्हें विकास का भागीदार बना रही है।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोहराया कि उनकी सरकार का लक्ष्य कृषि, पशुपालन, सिंचाई, बुनियादी ढांचा और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर चलना है। ग्राम कुलैथ से दिया गया यह संदेश ग्वालियर अंचल ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के किसानों के लिए विकास और आत्मनिर्भरता का भरोसा है।