देहरादून: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने 21 दिसंबर से प्रस्तावित विधानसभा सत्र की कम अवधि को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता और विपक्ष के सवालों से बच रही है। इसलिए कोरोना की आड़ लेकर पहले एक दिन और अब तीन दिन का विधानसभा सत्र आहूत किया गया है। सत्र की अवधि न्यूनतम आठ दिन रखने की मांग 20 दिसंबर को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में पार्टी की ओर से रखी जाएगी।
पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रीतम सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी का हवाला देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से भागने की कोशिश कर रही है। करीब चार साल के कार्यकाल में सरकार ने जनता को जो घाव दिए हैं, कांग्रेस उन्हें सदन में प्रमुखता से उठाएगी। 57 विधायकों के प्रचंड बहुमत की सरकार को विपक्ष के 11 विधायकों से डर लग रहा है। कोरोना काल में अव्यवस्थाओं, मुख्यमंत्री राहत कोष के इस्तेमाल, किसानों और बेरोजगारों की समस्याएं, महंगाई के साथ ही प्राधिकरणों में भ्रष्टाचार के मुद्दों से सरकार कन्नी काटना चाहती है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के सरकार के दावे पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने लोकायुक्त को बतौर उदाहरण पेश किया। प्रीतम ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार विपक्ष की मांग के बगैर ही लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण विधेयक को प्रवर समिति में भेजने का कारनामा अंजाम दिया गया। भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जांच नहीं कराई जा रही है। सरकार में अंतर्विरोध गहरा रहे हैं। सत्तापक्ष के ही विधायक सरकार के खिलाफ कार्य स्थगन प्रस्ताव लाते हैं। केंद्रीय मंत्री कुंभ के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार पर सरकार को आईना दिखा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने श्रम मंत्री हरक सिंह रावत के अभिमन्यु वाले बयान पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि अभिमन्यु बनने के लिए पराक्रम चाहिए। हरक सिंह रावत में यह दिखाई नहीं पड़ता। कर्मकार कल्याण बोर्ड में भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है। कांग्रेस बोर्ड समेत भ्रष्टाचार के मुद्दों को सदन में उठाएगी। 21 दिसंबर को युवक कांग्रेस के बेरोजगारी व किसानों के मुद्दे पर विधानसभा घेराव के कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव भी शामिल होंगे।