मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार को कांग्रेस का अब तक का सबसे आक्रामक और व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव और प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों को लेकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। जिला मुख्यालय के कारगिल चौक पर हुए इस प्रदर्शन से शहर की राजनीति पूरी तरह गरमा गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के मंत्री राजेन्द्र शुक्ला, विजय शाह और कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाए। प्रदर्शन-कारियों ने मंत्रियों के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मंत्री राजेन्द्र शुक्ला कथित रूप से कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदार हैं। वहीं मंत्री विजय शाह पर सेना और महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगाए गए। इसके अलावा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक इन मंत्रियों को पद से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया। कांग्रेस का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। वहीं मनरेगा में किए जा रहे बदलावों को गरीबों के रोजगार अधिकार पर सीधा हमला बताया गया।
यह प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर 24 फरवरी को भोपाल में प्रस्तावित विधानसभा घेराव की तैयारी का हिस्सा बताया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि बैतूल जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भोपाल पहुंचेंगे और यह आंदोलन जनअधिकारों की निर्णायक लड़ाई बनेगा।
बैतूल में उमड़ी भारी भीड़ और प्रदर्शनकारियों के आक्रोश ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश की राजनीति और अधिक गरमाने वाली है। कांग्रेस ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।