Home उत्तराखंड सीएम रावत ने किया टिहरी लेक फेस्टिवल का उद्घाटन, विपक्ष ने उठाये इसकी टाइमिंग पर सवाल

सीएम रावत ने किया टिहरी लेक फेस्टिवल का उद्घाटन, विपक्ष ने उठाये इसकी टाइमिंग पर सवाल

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रिपोर्ट: नंदनी तोदी
देहरादून: उत्तराखंड की सरकार उत्तराखंड को देश में आगे बढ़ने का हर संभव प्रयास में जुटी हुई है। उत्तराखंड की सरकार टिहरी झील को पर्यटको का आकर्षण केंद्र बनाने में जुटी हुई है। लेकिन सरकार के इस प्रयास पर सियासत छिड़ चुकी है।

दरअसल, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टिहरी झील महोत्सव का आज उत्घाटन किया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि तपोवन आपदा के बाद सरकार असंमजस में थी। जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं कराए जाने पर सहमति बनी। सरकार ने निर्णय लिया आपदा से लड़ेंगे भी और आगे भी बढ़ेंगे।

सीएम रावत ने कहा कि टिहरी झील ही उत्तराखंड के टूरिज्म का भविष्य है। मसूरी और नैनीताल में अब विस्तार की कोई गुंजाइश नहीं है। अब लोग टिहरी झील की ओर रुख करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि जो पर्यटक यहां आएं वो दो-तीन यहां जरूर ठहरें।

इसी पर पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने टिहरी झील महोत्सव के आयोजन के लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा जब पूरा राज्य चमोली आपदा को लेकर सहमा हुआ है , तब इस महोत्सव को क्यों आयोजित किया गया। उन्होंने दावा किया कि यह कार्यक्रम आपदा पीड़ितों के परिवारों के जख्मों पर नमक डालने के रूप में आया है।

इतना ही नहीं कांग्रेस नेता, जो टिहरी के पूर्व विधायक भी रहे चुके हैं, उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल के ठीक सामने एक परिवार है, जिसका एकमात्र बेटा चमोली के रेनी गांव में प्राकृतिक आपदा में मर गया है। “सरकार ने कार्यक्रम का आयोजन करके इस परिवार का अपमान किया है। आपदा पीड़ितों के परिवारों को राहत देने के लिए अगर घटना पर खर्च किया गया पैसा खर्च होता तो बेहतर होता।’

आपको बता दें, कांग्रेस नेता ने त्रिवेंद्र सिंह रावत पर निशाना साधते हुए ये भी कहा था कि उन्होंने कार्यक्रम में अपने भाषण में टिहरी बांध विस्थापितों और प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर एक शब्द भी नहीं बोला है।

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