पीएम मोदी आज कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात की हैं। इस दौरान उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी बात की।
सीएम केजरीवाल ने पीएम को राजधानी की स्थिति से अवगत कराने के साथ ही मांग की है कि वह पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के मामले में हस्तक्षेप करें ताकि प्रदूषण से जल्द से जल्द मुक्ति मिले।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि दिल्ली में कोरोना के तीसरे पीक के दौरान 10 नवंबर को 8600 संक्रमित सामने आए। तब से ही धीरे-धीरे संक्रमित मामले और पॉजिटिविटी दर नीचे आ रही है। तीसरे पीक में ज्यादा गंभीर स्थिति इसलिए है क्योंकि इसमें प्रदूषण भी एक कारक है।
On the issue of COVID containment, Hon'ble CM Shri @ArvindKejriwal in a video conference with Hon'ble Prime Minister today. pic.twitter.com/JijZ6TpvRu
— CMO Delhi (@CMODelhi) November 24, 2020
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि दिल्ली के पड़ोसी राज्यों से आने वाले पराली के धुएं से होने वाले प्रदूषण के मामले में हस्तक्षेप करें ताकि इस समस्या से निजात मिल सके।
केजरीवाल ने जोर दिया कि पूसा इंस्टीट्यूट द्वारा बनाए गए केमिकल के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए ताकि पराली खाद में बदल जाए और प्रदूषण भी न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी आग्रह किया कि केंद्र सरकार के अस्पतालों में 1000 आईसीयू बेड और लगाए जाएं जब तक कि कोरोना की तीसरी लहर का अंत न हो।
आप को बता दे कि इस बैठक का दो मुख्य एजेंडा है। पहला, कोविड के बढ़ते केस को लेकर राज्य अपनी ओर से क्या प्रयास कर रहे हैं। केस के रोकथाम के लिए किस तरह से प्रयास किया जा रहा, इसको लेकर समीक्षा होगी।
दूसरा एजेंडा वैक्सीनेशन को लेकर है. अगले साल की शुरुआत में टीका आने की उम्मीद है। ऐसे में उसको कैसे जल्द से जल्द ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए, टीका को स्टोर करने के लिए राज्यों के पास क्या संसाधन हैं, और किस तरह से टीकाकरण किया जाएगा, इस मुद्दे पर बातचीत होगी।