पूर्वी लद्दाख में हरकतों से बाज नहीं आ रहे चीन को भारतीय सेना ने दो टूक कहा कि LAC पर चीनी सेना पहले की स्थिति बहाल करे. अगर चीन ने कोई गलत हरकत की तो उसे इसके मुकाबिक नतीजे भुगतने होंगे और इसके लिए वो तैयार रहे. इस बीच रेलवे ने चीन को एक और झटका देते हुए 44 सेमी हाईस्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन बनाने का ठेका रद्द कर दिया है. इसके लिए निविदा पिछले साल ही जारी हुआ था. बीते महीने ही जब टेंडर खोले गए तो सिर्फ चीन के साथ संयुक्त उद्यम वाली जेवी कंपनी को ही ठेका मिला था. इसमें CRRC पॉयनियर इलेक्ट्रिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ही 6 आवेदन करने वालों में योग्य पाई गई थी. ठेके के तहत कंपनी को 44 वंदे भारत ट्रेन और इसके 16 कोचों को बनाने में लगने वाले इलेक्ट्रिकल उपकरणों और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करना था. जेवी कंपनी 2015 में चीन की CRRC यॉन्गजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड और पॉयनियर फिल-मेड प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर बनाई थी. बता दें कि अब एक हफ्ते में नया ठेका जारी किया जाएगा. हालांकि, रेलवे ने पुराने ठेके को रद्द करने की वजह नहीं बताई है. पाकिस्तान में चीन आर्थिक गलियारा बना रहा है। ये पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से समुद्र के रास्ते चीन के शिंजियांग तक पहुंचने की एक बड़ी परियोजना है जिसके सहारे चीन मध्य एशिया के कारोबार पर कब्जा जमाने की फिराक में है और अपना सामरिक हित भी पूरा करना चाहता है. वहीं नेपाल 2017 में चीन के 1 रोड-1 बेल्ट प्रोजेक्ट में भी शामिल हो गया था. वो इस बहाने नेपाल में भारत विरोधी हवा देने में जुटा है. श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह को चालाकी से 99 साल के पट्टे पर हासिल करने के बाद चीन अब वहां एयरपोर्ट, कोल प्लांट और दो बड़े बांधों के निर्माण समेत कई प्रोजेक्ट के लिए चीन 36 हजार 480 करोड़ का निवेश कर रहा है. जबकि मालदीव के 16 द्वीप को चीन लीज पर ले चुका है. चीन अगर इन द्वीपों पर कब्जा कर लेता है, तो वो भारत के व्यापारिक जहाजों के साथ-साथ नौसेना के काफिलों पर भी नजर रख सकता है. साथ ही युद्ध की स्थिति में इन द्वीपों पर अपने जहाज तैनात कर सकता है.