मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जनपद पंचायत चिचोली स्थित शासकीय एक्सीलेंस स्कूल का खेल मैदान बच्चों के उपयोग के बजाय ठेकेदारों के लिए डंपिंग यार्ड में तब्दील हो गया है। जहां कभी छात्र खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेते थे, वहां अब रेत, गिट्टी, भारी मशीनें और सरकारी वाहन खड़े नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, स्कूल के खेल मैदान में सड़क निर्माण से जुड़ी सामग्री बिना किसी आधिकारिक अनुमति के डंप कर दी गई है। यही नहीं, नगरपालिका के सफाई वाहन, पानी के टैंकर और यहां तक कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी इसी मैदान में खड़ी की जा रही हैं। इससे स्कूल का पूरा वातावरण अव्यवस्थित हो गया है।
इस स्थिति का सबसे ज्यादा नुकसान स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हो रहा है। खेल मैदान के अभाव में बच्चे न तो खेल गतिविधियों में भाग ले पा रहे हैं और न ही शारीरिक विकास से जुड़ी गतिविधियां कर पा रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि खेल और व्यायाम छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं, लेकिन यहां बच्चों को यह बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध डंपिंग पिछले लगभग एक साल से जारी है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने पूर्व में दो दिवसीय सत्याग्रह भी किया था, फिर भी स्थिति जस की तस बनी रही।
मामले से परेशान होकर अब जागरूक नागरिक जनसुनवाई में पहुंचे। वहां जिला कलेक्टर ने दो दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं प्रभारी सहायक आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्कूल परिसर में डंपिंग के लिए कोई अनुमति जारी नहीं की गई है।
जब किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई, तो ठेकेदारों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई-यह सवाल लगातार उठ रहा है। क्या यह सब संबंधित विभागों की लापरवाही से हो रहा है, या फिर किसी प्रकार की मौन सहमति इसमें शामिल है? यह जांच का विषय बना हुआ है।
फिलहाल सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि क्या बच्चों का खेल मैदान अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा या फिर ठेकेदारों की मनमानी यूं ही जारी रहेगी। यह मामला न सिर्फ एक स्कूल का है, बल्कि सरकारी शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है।