प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को शुरू हुए आज 9 साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2016 में शुरू की गई इस योजना ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान किया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को शुरू हुए आज 9 साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2016 में शुरू की गई इस योजना ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान किया है।
भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने एग्रोस्टार और के बी एक्सपोर्ट्स के सहयोग से समुद्री मार्ग के जरिए ऑस्ट्रेलिया को सांगोला और भगवा किस्म के प्रीमियम अनार की पहली वाणिज्यिक परीक्षण खेप सफलतापूर्वक भेजी।
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल 4 फरवरी 2025 तक देश में गेहूं की बुआई 324.38 लाख हेक्टेयर में की जा चुकी है। पिछले वर्ष इसी समय तक गेहूं की बुआई 318.33 लाख हेक्टेयर में हुई थी, जिसका मतलब है कि इस साल गेहूं के रकबे में 6.05 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि केंद्र सरकार अब उर्वरक सब्सिडी को सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में भेजने की तैयारी कर रही है। इस कदम का उद्देश्य सब्सिडी वितरण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, श्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र की साप्ताहिक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने देशभर में रबी सीजन की बुआई, मौसम, जलाशयों की स्थिति और विभिन्न उपज के थोक व खेरची मूल्य की जानकारी ली। साथ ही, आगामी खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर विभागीय मंत्री से चर्चा करने का निर्णय लिया।
उत्तर प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए 15 से 18 नवंबर तक 'कृषि भारत-2024' मेले का आयोजन कर रही है। लखनऊ के वृंदावन योजना मैदान में आयोजित इस चार दिवसीय मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
मध्यप्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए यह बड़ा अवसर है, क्योंकि समर्थन मूल्य पर पहली बार प्रदेश में सोयाबीन की खरीदी की जा रही है। प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत राज्यभर के 1400 केंद्रों पर आज से यह प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी खबर आई है। राज्य के 6 जिलों-नर्मदापुरम, रीवा, सतना, सिंगरौली, दमोह और बैतूल में खरीफ फसलों जैसे धान, ज्वार और बाजरा बेचने के लिए समर्थन मूल्य पर रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ा दी गई है।
मध्य प्रदेश के किसानों को रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की उम्मीदें हैं, खासकर गेहूं, चना, मसूर और सरसों की फसलों पर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं, किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल महाराष्ट्र से किसान सम्मान निधि की राशि ट्रांसफर करेंगे। इस बार 20 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के खातों में डाली जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उपार्जन, खाद और बीज उपलब्धता की समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रबी सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, और किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करने और कृषि क्षेत्र का विकास करने के उद्देश्य से एक व्यापक योजना का अनावरण किया है। पदभार संभालने के बाद से, चौहान एक ऐसा रोडमैप बनाने के लिए समर्पित रहे हैं जो मजबूत कृषि क्षेत्र के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप हो।
समूचे उत्तर प्रदेश समेत आसपास के क्षेत्रों में धान की खेती मौसम पर निर्भर करती है। समय पर मजदूरों का न मिलना और बढ़ती मजदूरी के कारण किसानों का धान की खेती से मोह भंग होता जा रहा है। लेकिन ड्रम सीडर धान की खेती के लिए वरदान साबित हो सकता है। वर्तमान समय में धान की खेती के लिए पहले खेत के छोटे से हिस्से में धान के बीज
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की संस्था एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एप्लिकेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट कानपुर (अटारी कानपुर) ने आईसीएआर औऱ अपनी तकनीक के तेजी से प्रसार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म NamFarmers.com के साथ समझौता (एमओयू) किया है। आईसीएआर- अटारी कानपुर उत्तर प्रदेश के सभी 88 कृषि विज्ञान केन्द्रों के जरिए कृषि तकनिकों का प्रदर्शन करेंगे
केंद्र सरकार के तीन विवादित कृषि क़ानूनों को लेकर उसकी आलोचना करते रहे मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने इस बार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है।