Home बिज़नेस कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख के लिए 520 करोड़ का विशेष पैकेज जारी करने का निर्णय लिया गया,एनएमडीसी और नगरनार स्टील प्लांट होंगी अलग कंपनियां

कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख के लिए 520 करोड़ का विशेष पैकेज जारी करने का निर्णय लिया गया,एनएमडीसी और नगरनार स्टील प्लांट होंगी अलग कंपनियां

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केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई अहम निर्णय लिये गए हैं। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी है। कैबिनेट ने बुधवार को चार अहम निर्णय लिये हैं।

बुधवार को केंद्रीय केबिनेट ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख के लिए 520 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज जारी करने का निर्णय लिया है। दूसरे निर्णय में एनएमडीसी और नगरनार स्टील प्लांट के डी-मर्जर का फैसला लिया गया।

कैबिनेट ने अपने तीसरे निर्णय में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के भारत में स्टोरेज को लेकर कुछ सुधार किये हैं। वहीं चौथे निर्णय में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अमल में लाने के पहले कदम के रूप में कुछ निर्णय लिये गए हैं।

जम्मू कश्मीर व लद्दाख के लिए 520 करोड़ का विशेष पैकेज

कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के परिवारों को फायदा पहुंचाने वाला निर्णय लिया है। कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख के लिए 520 करोड़ का विशेष पैकेज जारी करने का निर्णय लिया है।

यह पैकेज दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत होगा। इस मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्वयं सहायता समूह के जरिए आजीविका कमाती हैं।

इस पैकेज से क्षेत्र के दो तिहाई परिवारों को योजना में शामिल किया जाएगा। पैकेज के माध्यम से सरकार दस लाख 58 हजार परिवारों/महिलाओं को इस योजना से जोड़ना चाहती है। यह पांच साल के लिए है। जावड़ेकर ने बताया कि जम्मू कश्मीर से इस मिशन में काफी कम महिलाओं का सहभाग होता है, लेकिन अब इस पैकेज से सहभागिता बढ़ेगी।

जावड़ेकर ने बताया कि देश में कुल 63 लाख स्वयं सहायता ग्रुप हैं। देश भर में करीब सात करोड़ महिला सदस्यों ने कुल तीन लाख करोड़ रुपये का लोन लिया है।

वर्तमान में चल रहा लोन एक लाख करोड़ रुपये के करीब है। मोदी सरकार का लक्ष्य दस करोड़ परिवारों/महिलाओं को इस योजना से जोड़ना है। जावड़ेकर ने बताया कि इस योजना में एनपीए करीब न के बराबर 2.3 फीसद है।

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NMDC) और नगरनार स्टील प्लांट के डी-मर्जर का निर्णय लिया है। जावड़ेकर ने बताया कि एनएमडीसी मूलत: खनन क्षेत्र में काम करती है और स्थापित कंपनी है।

जावड़ेकर ने बताया, ‘एनएमडीसी स्टील प्लांट बना रही है, जिसका 90 फीसद कार्य पूरा हो चुका है और यह मार्च, 2021 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसकी 30 लाख टन की सालाना क्षमता है। यह आज एनएमडीसी का भाग है। कैबिनेट का कहना है कि खनन और इस्पात अलग काम है।

इसलिए नगरनार स्टील प्लांट और एनएमडीसी को अलग-अलग कंपनी बनाने का निर्णय लिया गया है। प्लांट का काम मार्च तक पूरा हो जाएगा, डीमर्जर अप्रैल तक पूरा हो जाएगा और इसके बाद डिसइन्वेस्टमेंट की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी। इसमें 30 फीसद अल्पसंख्यक शेयरधारक भी हैं, उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा और सेबी के नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी होगी।

अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी

प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी ने भारत में बड़े पैमाने पर तेल का स्टोरेज किया है। इससे हमें स्टोरेज भी मिला और पैसा भी नहीं खर्च करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि आज के निर्णय में, अबू धाबी कंपनी को अपने स्टोरेज में माल जमा करने और बाहर बेचने के लिए जो सुधार करने चाहिए थे, वो किये गए हैं।

जावेड़कर ने साथ ही बताया कि अप्रैल में पेट्रोलियम मंत्रालय को विदेशों से सस्ता तेल खरीदने के लिए 3,874 करोड़ रुपये देने का निर्णय हुआ था इसमें आज पोस्ट फेक्टर अप्रूवल दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारत ने एक करोड़ 60 लाख बैरल सस्ता क्रूड ऑयल खरीदकर रखा है। साथ ही उन्होंने बताया कि बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के साथ एक एमओयू भी साइन हुआ है।

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