कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में आयोजित जनसभा में अनूसचित जाति आयोग के अध्यक्ष और सांसद रामशंकर कठेरिया शमिल हुए। ये जनसभा जीआईसी तालाब से शहर से होते हुए टिक्सी मंदिर तक शांतिमार्च निकाली गई।

इस सभा में रामशंकर कठेरिया ने कहा कि, संविधान के अनुच्छेद 11 में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर स्पष्ट लिखा है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का धार्मिक आधार पर उत्पीड़न हो तो कानून में बदलाव कर उन्हें नागरिकता दी जाए।

साथ ही आगे कहा कि, देश के बंटवारे के समय गांधीजी ने भी यही कहा था। रामशंकर कठेरिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, नागरिका संशोधन बिल (सीएए) में पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू, फिर इंदिरा गांधी इसके बाद मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार में संशोधन किया था।

कांग्रेस ने केवल पाकिस्तान, उनसे कटकर बने बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदुओं को ही नागरिका देने का प्रवधान किया था। वहीं मोदी सरकार ने भी बौद्ध, पारसी, सिखों के लिए भी नागरिकता देने का प्रावधान कर दिया है। नागरिकता उन्हीं को मिलेगी जो 2014 के पहले भारत आ गए थे।