पन्ना में भारतीय जनता पार्टी की जिला कामकाजी बैठक उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत बनाना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका के लिए प्रेरित करना तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी अभियानों को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा ने 5 जून से 21 जून तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि इन कार्यक्रमों को जनआंदोलन का स्वरूप देकर सफल बनाया जाए। वहीं जिला प्रभारी जाहर सिंह ने मंडलों और जिला स्तर पर चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की तथा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को संगठन के लिए समय देना चाहिए और जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए।

बैठक के मुख्य वक्ता एवं प्रदेश महामंत्री तथा सागर संभाग प्रभारी गौरव रणदीवे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इन उपलब्धियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भाजपा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनाव जीतने वाला संगठन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने वाला संगठन है।
पर्यावरण संरक्षण के विषय पर बोलते हुए रणदीवे ने कहा कि पौधारोपण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल का संकल्प भी लिया जाना चाहिए। उन्होंने जिला एवं मंडल स्तर पर “नमो वन” और “नमो उपवन” विकसित करने का आह्वान किया तथा इसे जनसहभागिता से सफल बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बैठक में संगठनात्मक अनुशासन, नियमित उपस्थिति और सक्रिय कार्यशैली पर भी जोर दिया गया। गौरव रणदीवे ने कहा कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता और अनुशासन पर निर्भर करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार बैठकों से अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध संगठनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
पन्ना से राजेश रावत की रिपोर्ट