बीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ अगले साल फरवरी में खेले जानी वाली टेस्ट, वनडे और टी-20 सीरीज के लिए शेड्यूल घोषित कर दिया है।
बीसीसीआई के प्रमुख सौरव गांगुली के घरेलू राज्य के संघ ने आयोजन स्थलों के चयन पर आपत्ति जताई है। सीरीज के 12 मैचों में से एक भी मैच उसे एलॉट नहीं किया गया। मुम्बई क्रिकेट संघ ने तो इस फैसले पर हैरानी जाहिर की है। उसे एक भी मैच की मेजबानी नहीं मिली है जबकि गुजरात क्रिकेट संघ को 12 में से सात मैचों की मेजबानी मिली है।
विवाद इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि आईपीएल के दौरान बीसीसीआई चीफ सौरव गांगुली ने कहा था कि मुंबई और कोलकाता को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज की मेजबानी मिलेगी। सीएबी के अध्यक्ष अभिषेक डालमिया ने कहा है कि उन्हें यह बताया जाए कि आखिरकार उनके संघों को इस सीरीज के मैचों की मेजबानी क्यों नहीं मिली।
संघों की चिंता यह भी है कि अगर उन्हें लम्बे समय तक मैचों की मेजबानी नहीं मिलेगी तो उनकी वित्तीय स्थिति खराब हो जाएगी क्योंकि बोर्ड एक टेस्ट के लिए संघों को 2.5 करोड़ रुपये, एक वनडे के लिए 1.5 करोड़ रुपये और एक टी-20 के लिए भी इतने ही रुपये देता है।
बीसीसीआई ने इंग्लैंड के साथ होने वाली टेस्ट, वनडे और टी-20 सीरीज के लिए आयोजन स्थलों का जो चयन किया है, उससे उसके सभी राज्य संघ खुश नहीं हैं।