Home भाग्यफल बरगद की जड़ धारण करने से दूर होते है मंगल ग्रह के दोष व अन्य परेशानियां, जानिएं कैसे,कब, क्या करना होता है…

बरगद की जड़ धारण करने से दूर होते है मंगल ग्रह के दोष व अन्य परेशानियां, जानिएं कैसे,कब, क्या करना होता है…

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रिपोर्ट: गीतांजली लोहनी

नई दिल्ली: हिंदू मान्यता के हिसाब से बरगद के पेड़ को पूज्य माना जाता। और कुछ विशेष अवसरों में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। बरगद के पेड़ को वट वृक्ष कहा जाता है और ऐसी मान्यता है कि इसके पूजन से और इसकी जड़ में जल देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। वट वृक्ष त्रिमूर्ति का प्रतीक माना गया है, इसकी छाल में विष्णु ,जड़ में ब्रह्मा और शाखाओं में शिव का वास है। आज हम बात करेंगे बरगद की जड़ की । हिंदू धर्म के अनुसार वट वृक्ष की जड़ो के ग्रहों की करने के रुप में काम में लाया जाता है। तो चलिए जानते है बरगद की जड़ को क्यों और कब धारण किया जाता है-

ज्योतिष के अनुसार बरगद के पेड़ पर मंगल का आधिपत्य होता है। इसलिए मंगल ग्रह की शांति के लिए बरगद की जड़ धारण करने का विधान है। यदि कोई व्यक्ति वट वृक्ष की जड़ को धारण करता है तो उसकी जन्मकुंडली में मंगल से जुड़े समस्त दोष समाप्त हो जाते हैं।

मांगलिक दोष के कारण किसी व्यक्ति के विवाह में बाधा आ रही हो तो वट वृक्ष की जड़ से मंगल दोष की शांति होती है। वट वृक्ष की जड़ धारण करने से कुंडली का अंगारक दोष शांत होता है।

और अगर जमीन, भवन, संपत्ति संबंधी किसी कार्य में रूकावट आ रही हो तो वट वृक्ष की जड़ धारण करना चाहिए।

प्रॉपर्टी का व्यवसाय, खेती से जुड़े कार्य करने वालों को इसकी जड़ का लॉकेट जरुर धारण करना चाहिए।

वट वृक्ष की जड़ कर्ज से मुक्ति दिलवाने का प्रमुख मार्ग है। इसे पहनने से कर्ज मुक्ति जल्द हो जाती है।

बरगद के पेड़ की जड़ धारण करने से ना केवल मानसिक शांति और विचारों की शुद्धता प्राप्त होती है बल्कि दिमाग फोकस्ड भी रहता है।

बरगद की जड़ को ऐसे ही नहीं पहना जाता है इसे पहनने से पहले गंगाजल और गाय के कच्चे दूध से अच्छी तरह धो लें। इसका सामान्य पूजन करने के बाद इसे सफेद कपड़े में बांधकर कमर या बाजू में बांध लें। इसे चांदी के लॉकेट में भरकर भी पहना जा सकता है।

बरगद की ज़ड़ को बुधवार, मंगलवार या मृगशिरा, चित्रा या धनिष्ठा नक्षत्र में पहनना चाहिए तभी इसका लाभ मिलता है।

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