उज्जैनः धुलेड़ी और होली पर्व के मद्देनज़र श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में गुलाल और किसी भी प्रकार के रंग ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई श्रद्धालु गुलाल या कलर लेकर मंदिर परिसर में पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। समिति के अनुसार होली के दिन कोई भी श्रद्धालु मंदिर परिसर में गुलाल या रंग नहीं ले जा सकेगा। वहीं बाबा महाकाल के पूजन के लिए आवश्यक गुलाल और रंग मंदिर प्रबंध समिति की ओर से ही उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसकी मात्रा समिति द्वारा पूर्व निर्धारित रहेगी।
इसके अलावा पुजारी एवं उनके परिवार के सदस्य भी अपने स्तर पर गुलाल या रंग लेकर मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। मंदिर परिसर में गुलाल उड़ाना, रंग से होली खेलना तथा होलिका दहन करना भी पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मंदिर प्रशासन के अधिकारी प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकाल मंदिर में होली पर्व प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाता है। बाबा महाकाल को गुलाल अर्पण की परंपरा है, जिसे मंदिर समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए गुलाल से ही पुजारी आरती के समय प्रतीकात्मक रूप से संपन्न करेंगे। सुरक्षा कारणों से किसी भी व्यक्ति—चाहे वह श्रद्धालु हो, कर्मचारी हो या पुजारी—को गुलाल, रंग या किसी भी प्रकार की सामग्री मंदिर के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।