सुमावली। शासकीय जूनियर बालक छात्रावास में निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। छात्रावास में कथित तौर पर कीड़े वाला आटा इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगा है। निरीक्षण के दौरान परिसर में केवल तीन छात्र मौजूद मिले, जबकि छात्रावास के रिकॉर्ड और रजिस्टर से संबंधित जानकारी मांगने पर कथित रूप से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
निरीक्षण के दौरान छात्रावास के चौकीदार ने अपनी ड्यूटी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि उससे लगातार 24 घंटे काम कराया जा रहा है। चौकीदार के मुताबिक, चौकीदारी के अलावा उससे खाना बनाने, घास काटने और रसोई से जुड़े अन्य कार्य भी कराए जाते हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद छात्रावास में कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और कार्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
मामले में एक अन्य आरोप यह भी सामने आया कि छात्रावास में कथित तौर पर बिना आधिकारिक स्वीकृति के एक महिला से रसोईया का काम कराया जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो इससे छात्रावास में नियुक्ति और कार्य आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

मामले को लेकर छात्रावास अधीक्षक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आटे में एक-दो कीड़े आ गए होंगे। उन्होंने स्टाफ के कुछ लोगों पर उन्हें परेशान करने का आरोप भी लगाया। अधीक्षक के अनुसार, छात्रावास परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के बाद से स्टाफ के कुछ लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। हालांकि, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले को लेकर जब पत्रकारों ने अपर कलेक्टर भरत कुमार से प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में प्रभार संभाला है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं मौके पर जाकर पूरे मामले की जानकारी लेंगे और जांच के बाद स्थिति के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
छात्रावास में सामने आए आरोपों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, छात्रावास में विद्यार्थियों की उपस्थिति, कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था और रिकॉर्ड संधारण को लेकर है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और छात्रावास की व्यवस्थाओं में वास्तव में किस स्तर पर लापरवाही हुई है।