टीकमगढ़ जिले के पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत महेंद्र महेवा स्थित गौशाला को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से गौशाला में कोई भी पशु मौजूद नहीं है और परिसर पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि मुख्य द्वार पर लगा ताला जंग खा चुका है, जिससे लंबे समय से संचालन न होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की वास्तविक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड में भारी अंतर है। आरोप है कि कागजों में नियमित रूप से उपस्थिति और संचालन दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई गतिविधि नहीं हो रही है। इसके साथ ही गौशाला में उपयोग होने वाले उपकरणों और सुविधाओं के गायब होने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिक द्वारा गौशाला की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद मामला सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित विभाग में हलचल देखी गई। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर रिकॉर्ड की जांच और स्थिति स्पष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला संचालन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और स्व सहायता समूह की मिलीभगत से यह पूरा मामला संचालित हो रहा है। आरोपों के अनुसार बिना पशुओं की उपस्थिति के भी कागजों में रिकॉर्ड तैयार कर वित्तीय लाभ लिया जा रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका गहराई है।
स्थानीय लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित समूह के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा सरकारी राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका पर नजरें टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके।