1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. आगर मालवा एनडीपीएस कार्रवाई पर बड़ा विवाद, 90 से अधिक पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

आगर मालवा एनडीपीएस कार्रवाई पर बड़ा विवाद, 90 से अधिक पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

आगर मालवा पुलिस की चर्चित एनडीपीएस कार्रवाई के मामले में बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें तत्कालीन दो थाना प्रभारियों सहित करीब 90 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। राजस्थान के चौमहला न्यायालय के आदेश के बाद डग थाने में यह मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2026 की इस कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों में पुलिस पर प्रक्रिया में अनियमितता और अधिकारों के दुरुपयोग का दावा किया गया है, जबकि मामले की जांच जारी है।

By: Nivedita 
Updated:
आगर मालवा एनडीपीएस कार्रवाई पर बड़ा विवाद, 90 से अधिक पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

आगर मालवा/झालावाड़। मध्यप्रदेश और राजस्थान में सनसनी फैलाने वाले एक मामले में आगर मालवा पुलिस के दो तत्कालीन थाना प्रभारियों सहित करीब 90 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जिस एनडीपीएस कार्रवाई को पुलिस ने करोड़ों की ड्रग्स बरामदगी की बड़ी सफलता बताया था, अब उसी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई एफआईआर

राजस्थान के चौमहला स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने मामले की जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद झालावाड़ के डग थाने में एफआईआर क्रमांक 154/2026 दर्ज की गई। इसमें आगर कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, रूप सिंह राजपूत, पुलिसकर्मी राखी गुर्जर सहित कई नामजद और लगभग 90 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।

28 जनवरी की कार्रवाई पर उठे सवाल

पूरा मामला 28 जनवरी 2026 का है, जब आगर मालवा कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ जिले के घाटाखेड़ी गांव में बड़ी एनडीपीएस कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग, केमिकल और मशीनरी बरामद करने का दावा किया था। इस दौरान दो लोगों की गिरफ्तारी भी की गई थी और कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया गया था।

परिजनों ने लगाया कार्रवाई पर गंभीर आरोप

गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों और घाटाखेड़ी निवासी हमीद खान ने इस कार्रवाई को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए न्यायालय में परिवाद दायर किया। आरोप लगाया गया कि पुलिस ने बिना उचित प्रक्रिया के कार्रवाई की और गांव में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में लोगों को परेशान किया गया।

जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ मामला

न्यायालय के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक स्तर से जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया। इसके आधार पर संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए।

 

ad

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

डग थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें धमकाने, पद के दुरुपयोग, अनुचित कार्रवाई और साक्ष्य से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...