पन्ना जिले के देवेंद्रनगर तहसील क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत गुखोर के माजरा रतगवा के ग्रामीण आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए इंतजार कर रहे हैं। करीब 100 घरों की आबादी वाले इस गांव तक पहुंचने के लिए लगभग चार किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दौरान बेहद खराब हो जाता है।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ और पानी भर जाता है। इससे गांव से बाहर आने-जाने में काफी परेशानी होती है। खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के काम से बाहर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। रतगवा गांव नेशनल हाईवे-39 से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर है, इसके बावजूद यहां तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है।
सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाना आसान नहीं होता। कई बार मरीजों को चारपाई पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है, जिससे इलाज मिलने में देरी की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव तक पहुंचने वाला रास्ता जंगल क्षेत्र से होकर गुजरता है। बारिश के मौसम में कीचड़ और पानी के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीणों के लिए यह रास्ता सिर्फ असुविधा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा की चिंता का कारण भी बना हुआ है।
समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। आवेदनकर्ताओं विकास रजक, कंछेदी लाल समेत अन्य ग्रामीणों ने गांव तक पक्की सड़क बनवाने और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा के सामने रखी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि देश तेजी से विकास और आधुनिक सुविधाओं की ओर बढ़ रहा है, लेकिन रतगवा में लोगों को आज भी सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कराने की उम्मीद जताई है।