Home भाग्यफल तीन बातों को जीवन में उतारने से नहीं होती धन की कमीं, आचार्य चाणक्य ने कही है ये बात

तीन बातों को जीवन में उतारने से नहीं होती धन की कमीं, आचार्य चाणक्य ने कही है ये बात

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य का नाम आते ही लोगो में विद्वता आनी शुरु हो जाती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति और विद्वाता से चंद्रगुप्त मौर्य को राजगद्दी पर बैठा दिया था। इस विद्वान ने राजनीति,अर्थनीति,कृषि,समाजनीति आदि ग्रंथो की रचना की थी। जिसके बाद दुनिया ने इन विषयों को पहली बार देखा है। आज हम आचार्य चाणक्य के नीतिशास्त्र के उस नीति की बात करेंगे, जिसमें उन्होने बताया है लोगो के इन तीन बातों को जीवन में उतारने से नहीं होती धन की कमीं आइये जानते हैं।

आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में बताया है कि व्यापारी वही श्रेष्ठ है जो धन प्राप्त करने के लिए सात समुद्र पार जाने के लिए तैयार रहे। उन्होने कहा है कि लक्ष्मी जी को धन की देवी कहा है, लक्ष्मी जी का आर्शीवाद उसी को प्राप्त होता है जो परिश्रम करता है।

आचार्य चाणक्य ने बताया है कि परिश्रम में ही जीवन की सफलता का रहस्य छिपा हुआ है। जो व्यक्ति आलस का त्याग कर अपने लक्ष्य के प्रति प्रयासरत रहता है उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। वहीं दूसरी तरफ उन्होने कहा है कि जो व्यक्ति आलस का त्याग नहीं कर पाते हैं, वे सफल होने से वचिंत रह जाते हैं। लक्ष्मी जी की कृपा चाहिए तो इन बातों को अपनाने का प्रयास करें…

उन्होने कहा है कि सफल होना है तो आलस का त्याग करना ही होगा। आलस सफलता में सबसे बड़ी बाधा है। आलस का त्याग कर दिया तो लक्ष्य भेदने में मुश्किल नहीं आती हैं। इसके साथ ही उन्होने कहा है कि लक्ष्मी जी ऐसे लोगों को अपना आर्शीवाद अवश्य प्रदान करती हैं जो अपने सभी कार्य समय पर पूर्ण करते हैं। अनुशासन का पालन करने वाले व्यक्ति के जीवन में धन की कोई कमी नहीं रहती है।

वहीं उन्होने परिश्रम को लेकर बताया है कि परिश्रम करने से कभी भी धन की कमीं नहीं होती है।

 

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