महज औपचारिक साबित हुआ जिला स्तरीय पुस्तक मेला, करीब आधा दर्जन निजी प्रकाशक नहीं हुए शामिल मेले से किसी भी तरह की पुस्तकें उपलब्ध नहीं करा पाया शिक्षा विभाग। सिर्फ कापियां लेकर निराश लौटे पालक।