छिंदवाड़ा। जिले में लंबे समय से चर्चा में रहे भूमि विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। विवाद से जुड़े कुछ सैनिक और उनके समर्थक कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी बात रखी। प्रदर्शन के दौरान सैनिकों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया, जिन पर “क्या मैं गुंडा हूं?” जैसे सवाल लिखे हुए थे।
कांग्रेस कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामले में उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उनका आरोप है कि विवाद को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया गया है, जिससे उनकी छवि प्रभावित हो रही है।

निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आनी चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए।सैनिकों ने कहा कि वे कानून और संविधान में विश्वास रखते हैं तथा चाहते हैं कि विवाद का समाधान तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर किया जाए।
“क्या मैं गुंडा हूं?” लिखी तख्तियों से जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान सबसे अधिक चर्चा उन तख्तियों की रही, जिन पर “क्या मैं गुंडा हूं?” जैसे संदेश लिखे हुए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें गलत तरीके से अपराधी या विवादित व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वे अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा
कांग्रेस कार्यालय में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय स्तर पर इसे भूमि विवाद से जुड़े घटनाक्रम का नया अध्याय माना जा रहा है। हालांकि, इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
रिपोर्ट : श्याम साहू