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शाजापुर जनसुनवाई विवाद: एसडीएम ने शरद कुमार शर्मा की शिकायतों को बताया तथ्यहीन

शाजापुर के पोलायकलां निवासी शरद कुमार शर्मा की शिकायतों पर एसडीएम राजकुमार हलधर का जवाब। प्रशासन ने भूमि सीमांकन विवाद और जनसुनवाई हंगामे को लेकर अपना पक्ष रखा।

By: BS Yadav 
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शाजापुर जनसुनवाई विवाद: एसडीएम ने शरद कुमार शर्मा की शिकायतों को बताया तथ्यहीन

शाजापुर: जिला स्तरीय जनसुनवाई में हंगामे के बाद चर्चा में आए पोलायकलां निवासी शरद कुमार शर्मा की शिकायतों को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक पक्ष सामने आया है। शुजालपुर के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) राजकुमार हलधर ने शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए कहा है कि संबंधित भूमि का सीमांकन पूर्व में नियमानुसार किया जा चुका है और शिकायतों में उठाए गए अधिकांश मुद्दों का निराकरण पहले ही किया जा चुका है।

एसडीएम राजकुमार हलधर के अनुसार, शरद कुमार शर्मा पिछले कई वर्षों से सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि शिकायतकर्ता कभी अपने नाम से तो कभी मानसिंह के नाम से शिकायत दर्ज कराते रहे हैं, जबकि दोनों मामलों में एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया है।

भूमिस्वामित्व को लेकर प्रशासन का पक्ष

प्रशासन के अनुसार जिस भूमि के सीमांकन और कब्जे को लेकर शिकायतें की जा रही हैं, वह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में शरद कुमार शर्मा या मानसिंह के नाम दर्ज नहीं है, बल्कि किरण शर्मा, माया शर्मा और शकुंतला शर्मा के नाम दर्ज है। एसडीएम ने बताया कि भूमिस्वामियों के आवेदन पर वर्ष 2022 में तहसीलदार न्यायालय के आदेश के पालन में राजस्व दल द्वारा सीमांकन किया गया था, जिसमें संबंधित भूमि पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा नहीं पाया गया। प्रशासन का कहना है कि शिकायतकर्ता समीप स्थित शासकीय विद्यालय की भूमि को अपनी भूमि बताते हुए पुनः सीमांकन की मांग कर रहे हैं।

पुनः सीमांकन के लिए भी गठित की गई थी टीम

प्रशासन के अनुसार शिकायतकर्ता की असहमति के बाद पुनः सीमांकन के लिए अलग राजस्व दल गठित किया गया था। हालांकि बाद में स्वयं शरद कुमार शर्मा ने लिखित आपत्ति देकर मांग की थी कि पोलायकलां तहसील के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सीमांकन कार्य में शामिल न किया जाए। एसडीएम हलधर ने बताया कि संबंधित भूमि का नक्शा बटांकन भी तहसीलदार न्यायालय के आदेश के तहत स्वीकृत होकर पोर्टल पर अपडेट किया जा चुका है और इसकी जानकारी संबंधित पक्षों को दी जा चुकी है। ऐसे में भूमि संबंधी कोई कार्य लंबित नहीं है।

सोशल मीडिया पर भी की गईं टिप्पणियां

प्रशासन का आरोप है कि शिकायतकर्ता द्वारा विभिन्न विभागों और अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती रही हैं। इनमें पुलिस विभाग, नगर परिषद, राजस्व विभाग के अधिकारियों सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल बताए गए हैं।

जनसुनवाई में हुआ था विवाद

गौरतलब है कि 16 जून को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान शरद कुमार शर्मा ने कथित तौर पर अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, जिससे मौके पर विवाद की स्थिति बन गई थी। इसी दौरान मौजूद पुलिसकर्मी एएसआई महेश कुमार का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह शिकायतकर्ता को नियंत्रित करने का प्रयास करते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को लाइन अटैच किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।

प्रशासन ने शिकायतों को बताया निराधार

एसडीएम राजकुमार हलधर का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड, सीमांकन रिपोर्ट और न्यायालयीन आदेशों के आधार पर शिकायतकर्ता की आपत्तियां तथ्यात्मक रूप से सही नहीं पाई गई हैं। प्रशासन का दावा है कि भूमि पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं है और शिकायतों का निराकरण नियमानुसार किया जा चुका है।

रिपोर्ट दिलीप सौराष्ट्रीय

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