प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी मां हीराबा को याद करते हुए भावुक शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने अत्यधिक गरीबी में परिवार का पालन-पोषण किया और कभी अपने लिए कुछ नहीं चाहा। पीएम मोदी ने बताया कि उनकी मां हमेशा परिवार के लिए हर पाई बचाती थीं और तपस्या से जीवन जिया। वे 100 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद इस दुनिया को अलविदा कह गईं। प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरी मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन कांग्रेस और आरजेडी के मंच से उन्हें भद्दी गालियां दी गईं। ये मेरे लिए गहरी पीड़ा और कष्ट की बात है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शाही खानदान में पैदा हुए नामदार लोग गरीब की पीड़ा नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी के चम्मच लेकर जन्मे इन युवराजों को देश और बिहार की सत्ता अपनी खानदानी संपत्ति लगती है। “देश की जनता ने एक गरीब मां के बेटे को आशीर्वाद देकर प्रधानसेवक बनाया, लेकिन यह नामदारों को पच नहीं रहा है। कोई पिछड़ा, अति पिछड़ा आगे बढ़ जाए, यह कांग्रेस को कभी मंजूर नहीं होता।”
पीएम मोदी ने कहा कि वे पिछले 50-55 वर्षों से समाज और देश की सेवा में लगे हैं। राजनीति में उन्होंने देर से कदम रखा, लेकिन जीवन का हर क्षण देश के नाम किया। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने ही उन्हें यह मार्ग दिया। “मुझे मां भारती की सेवा करनी थी। इसलिए मेरी मां ने मुझे अपने दायित्वों से मुक्त कर दिया था और आशीर्वाद देकर देश सेवा के मार्ग पर भेजा।”
प्रधानमंत्री ने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि उनके तप और त्याग की बदौलत ही वे आज देश की सेवा कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने कभी राजनीति में दखल नहीं दिया, फिर भी उन्हें अपमानित किया गया। यह केवल उनकी व्यक्तिगत पीड़ा नहीं है बल्कि उन सभी गरीब माताओं का अपमान है जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष करती हैं।
पीएम मोदी ने भावुक स्वर में कहा कि गरीब मां की तपस्या और बेटे की पीड़ा को नामदार लोग कभी नहीं समझ सकते। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी दी कि जनता इन सबका जवाब देती है और देगी। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि वे हर क्षण, हर सांस मां भारती और देश की सेवा को समर्पित करते हैं, और यह उनके जीवन का सबसे बड़ा संकल्प है।