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भारतीय बॉक्सर मैरी कॉम को चला 2 घंटे बाद हार का पता, IOC की बॉक्सिंग टास्क फोर्स पर लगाये आरोप, कहा- उन्होंने हद कर दी

भारतीय बॉक्सर मैरी कॉम (Mary Kom) टोक्यो ओलिंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) से बाहर हो गईं, लेकिन उनकी हार के बाद विवाद खड़ा हो गया है। मैरी कॉम का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि वह हार गई हैं। मैच होने के दो घंटे बाद जब उन्होंने सोशल मीडिया देखा तो पता चला कि वह हार गईं।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : भारतीय बॉक्सर मैरी कॉम (Mary Kom) टोक्यो ओलिंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) से बाहर हो गईं, लेकिन उनकी हार के बाद विवाद खड़ा हो गया है। मैरी कॉम का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि वह हार गई हैं। मैच होने के दो घंटे बाद जब उन्होंने सोशल मीडिया देखा तो पता चला कि वह हार गईं। उन्होंने इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी (IOC) की बॉक्सिंग टास्क फॉर्स को निशाने पर लिया और खराब जज करने का आरोप लगाया।

आपको बता दें कि मैरी कॉम को प्री क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की इनग्रिट वेलेंसिया के हाथों 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था। मैरी कॉम ने आखिरी दो राउंड जीते थे लेकिन फिर भी उन्हें हारा हुआ घोषित किया गया। दरअसल टोक्यो ओलिंपिक में इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (AIBA) की जगह टास्क फॉर्स बॉक्सिंग के मैचों का आयोजन कर रही है। AIBA को वित्तीय गड़बड़झाले के चलते इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी ने निलंबित कर रखा है।

मैरी कॉम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, ‘मुझे फैसला समझ नहीं आया। टास्क फॉर्स के साथ क्या दिक्कत है? IOC के साथ क्या दिक्कत है? मैं भी टास्क फॉर्स की सदस्य थी। साफ-सुथरे मुकाबले कराने के लिए मैंने भी उन्हें सुझाव दिए थे। लेकिन उन्होंने मेरे साथ ही क्या कर दिया? मैं रिंग के अंदर खुश थी। जब बाहर आई तब भी खुशी थी क्योंकि मेरे दिमाग में था कि मैं जीती हूं। जब वे मुझे डोपिंग के लिए लेकर गए तब भी मैं खुश थी। जब मैंने सोशल मीडिया देखा और मेरे कोच (छोटे लाल यादव) ने बताया तब पता चला कि मैं हारी हूं। मैं उस लड़की को दो बार हरा चुकी हूं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा की रेफरी ने उसका हाथ उठाया। मैं कसम खाती हूं कि मुझे बिलकुल नहीं लगा कि मैं हारी हूं। मुझे पूरा भरोसा था।’

‘दुनिया ने देखा उन्होंने हद ही कर दी’

मैच के दौरान जजों ने 4-1 से मैरी कॉम के खिलाफ फैसला दिया था। इस दौरान पांच में चार जजों ने 10-9 से वेलेंसिया का पलड़ा भारी बताया था। लेकिन अगले दो राउंड में मैरी कॉम के पक्ष में पांच में से तीन जजों ने फैसला दिया। लेकिन कुल स्कोर वेलेंसिया के पक्ष में रहा और उन्हें विजेता घोषित किया गया। मैरी कॉम को जीत के लिए आखिरी राउंड में 4-1 के फैसले की जरूरत थी। मैरी कॉम ने कहा कि, ‘सबसे बुरी बात यह थी कि रिव्यू या विरोध दर्ज कराने का मौका नहीं था। ईमानदारी से कहूं तो दुनिया ने देखा है उन्होंने हद ही कर दी है। दूसरा राउंड एकमत से मेरे पक्ष में होना चाहिए था. यह 3-2 कैसे हुआ? जो कुछ भी हुआ वह अप्रत्याशित है।’

मैरीकॉम ने कहा कि, ‘एक मिनट या एक सेकेंड के अंदर एक एथलीट का सब कुछ चला जाता है। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं जजों के फैसले से निराश हूं।’ लेकिन वह खेल को अलविदा कहने के मूड में नहीं हैं जबकि उनका ओलिंपिक का सफर टोक्यो सत्र में ही खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, ‘मैं ब्रेक लूंगी, परिवार के साथ समय बिताऊंगी। लेकिन मैं खेल नहीं छोड़ रही हूं। अगर कोई टूर्नामेंट होता है तो मैं जारी रखूंगी और अपना भाग्य आजमाऊंगी।’

2016 रियो ओलिंपिक के बाद हुआ था बॉक्सिंग में बदलाव

आपको बता दें कि आईओसी के मुक्केबाजी कार्यबल ने इस बार अधिक पारदर्शिता वाले फैसलों का वादा किया था क्योंकि एमेच्योर मुक्केबाजी की 2016 रियो ओलिंपिक में गलत फैसलों की काफी आलोचना हुई थी। जिसके बाद 36 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। मैरीकॉम मुक्केबाजी कार्यबल की 10 सदस्यीय एथलीट ग्रुप का हिस्सा हैं। वह पैनल में एशियाई ब्लॉक का प्रतिनिधित्व करती हैं जिसमें यूक्रेन के दो बार के ओलिंपिक और विश्व स्वर्ण पदक विजेता महान मुक्केबाज वासिल लामाचेंको (यूरोप) और पांच बार के विश्व चैम्पियन और 2016 ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता जूलियो सीजर ला क्रूज (अमेरिका) भी शामिल हैं।

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