असम के नागांव स्थित सीआरपीएफ कैंप में हुई घटना में जान गंवाने वाले बालाघाट जिले के हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल देखने को मिला।
परसवाड़ा के बीजाटोला चौक से शहीद जवान की अंतिम यात्रा निकाली गई। मुख्य मार्गों से होते हुए शव यात्रा मोक्षधाम पहुंची, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्प वर्षा कर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्कूली बच्चों ने भी भावभीनी विदाई दी।
पार्थिव शरीर के घर पहुंचने पर परिजनों ने प्रशासन से दिवंगत जवान को शहीद का दर्जा दिए जाने तथा प्रदेश सरकार से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। परिवार ने सरकार से हरसंभव सहयोग की अपेक्षा जताई।

क्षेत्रीय विधायक मधु भगत ने अंतिम संस्कार के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर पर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी अपेक्षित थी।
बालाघाट जिले में दिवंगत जवान को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग एकत्रित हुए। लोगों ने देश सेवा में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।