Report by: Geetanjali Lohani
नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत व्यक्ति के भाग्य या भविष्य के बारे में बताया जाता है। माना जाता है कि भारत में लगभग 150 से ज्यादा ज्योतिष विद्या प्रचलित हैं। ज्योतिष शास्त्र में इंसान के जन्म से लेकर मृत्युकाल तक के बारे में बताया गया है। और इसमें ये भी बताया गया है कि रात में जन्म लेने वाले लोगों का स्वभाव कैसा होता है और सुबह जन्म लेने वाले बच्चे का भविष्य कैसा हो सकता है। तो चलिए आज हम आपको बताते है कि सुबह जन्म लेने वाले लोगों के भविष्य और उनके नेचर के बारे में-
सूर्योदय के समय दिन का पहला प्रहर शुरु होता है जिसे पूर्वान्ह कहा जाता है। इसे दिन का प्रथम प्रहर भी कहते हैं। इसका समय सुबह के 6 बजे से 9 बजे के बीच का होता है। यह प्रहर आंशिक रूप से सात्विक और राजसिक होता है, लेकिन नकारात्मक नहीं। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे अपने जीवन में बहुत उन्नति करते हैं।
हालांकि जन्म लेने के शुरुआती साल में इन व्यक्तियों का स्वास्थ थोड़ा गड़बड़ सा रहता है। लेकिन इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे तेज बुद्धि के और सत्यवादी होते हैं।
दिन का दूसरा प्रहर यानि जब सूरज सिर पर आ जाता है तब तक रहता है जिसे मध्याह्न कहते हैं। यह प्रहर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक रहता है। यह शुद्ध रूप से रजोगुणी प्रहर होता है। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चों की राजनीति और प्रशासनिक कार्यों में रुचि रहती है।
इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे नेतृत्व करके खूब धन या यश कमाते हैं।