बस कुछ ही दोनों में दीपोत्सव की तैयारी शुरू होने वाली है, कृष्ण पक्ष की एकादशी से लेकर शुक्ल पक्ष के दोज तक इन सात दिनों तक दीपोत्सव रहता है।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है और इस दिन श्री राम जी अयोध्या आये थे। अँधेरी रात होने के कारण पुरे अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाये थे और तभी से दीपदान की परम्परा शुरू की गई है।
दिवाली से पहले धनतरेस का भी पर्व आता है जो की धन के देवता कुबेर से जुड़ा हुआ है। इस साल 13 को धनतेरस है और इस दिन धन की वृद्धि के कई उपाय बताएं गए है। माना जाता है की इस दिन कुछ ना कुछ खरीदना चाहिए ! उससे स्थिर लक्ष्मी मिलती है।
“ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रववाय, धन-धान्यधिपतये धन-धान्य समृद्धि मम देहि दापय स्वाहा” ये धन के देवता कुबेर का मन्त्र है। इस मन्त्र का 108 बार जाप करना चाहिए और दीपक जलाकर कुबेर देवता का आह्वान करना चाहिए ! इस दिन लोग नए बर्तनों और आभूषणों का क्रय करते हैं और उन्हीं बर्तनों से दिवाली की मुख्य पूजा करते हैं।
धनतेरस पर चांदी के सिक्के और हल्दी की गांठ की पूजा करने से जीवन में तरक्की मिलती है।धनतेरस के दिन किसी किन्नर के हाथों से पैसे लेकर अपने पर्स में रख लें। इससे आपको जिंदगी में बहुत सफलता मिलेगी।