बीजेपी सरकार में फिर से नाम बदला जाएग, शेख-उल-हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कालेज का नाम बदला जाए।
बीजेपी सरकार में नाम बदलने का परचरण तो चल ही रहा है, और अब लगता हैं। यह प्रकरण सहारनपुर में भी चालू हो गया हैं।
सहारनपुर में शेख-उल-हिन्द मौलाना महमूद हसन के नाम से मेडिकल कॉलेज इस समय काफी सुर्खियों में हैं। आपको बता दें, कि शेख-उल-हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कालेज के नाम पर फिर से राजनीति शुरू हो गई है।
भारतीय बौद्ध महासंघ ने मेडिकल कॉलेज का नाम संत शिरोमणि रविदास के नाम पर रखने की मांग की, अंबाला रोड़ पिलखनी में है। शेख-उल-हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कालेज, सहारनपुर का राजकीय मेडिकल कॉलेज नाम को लेकर शुरू से ही विवादों में रहा है।
इस बार भारतीय बौद्ध महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंते संघप्रिय राहुल ने मौलाना शेख उल हिन्द महमूद हसन मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर संत शिरोमणि रविदास किये जाने की मांग उठाई है।
संघप्रिय राहुल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मेडिकल कॉलेज का नाम शुरू में मान्यवर कांशीराम मेडिकल कॉलेज था। सपा सरकार आने के बाद जिसका नाम बाद में बदलकर मुस्लिम व्यक्ति के नाम पर कर दिया गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसका नाम बदलकर संत रविदास के नाम पर करने की बात कही है। साथ ही दलील भी दी कि सहारनपुर हरिद्वार और आसपास के इलाके में संत रविदास के बहुत संख्या में अनुयायी हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मेडिकल कॉलेज का नाम नहीं बदला गया तो बौद्ध समाज आंदोलन करेगा । इसकी शुरुआत मैं खुद करूंगा और जबतक नाम नहीं बदला जाएगा मैं खुद धरने पर बैठूंगा। इसके लिए मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।