वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्विट्ज़रलैंड संसद की नेशनल काउंसिल के सदस्य सेम्युअल गगर से विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत निर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) और जनजातीय कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर मंथन हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गगर को बताया कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला राज्य है और जनजातीय कल्याण, सतत आजीविका तथा समावेशी विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने आर्थिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ मिलेट उत्पादन पर केंद्रित योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहलें जनजातीय समुदाय की आय बढ़ाने, पोषण सुधारने और आत्मनिर्भरता को सशक्त करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
बैठक में स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल समाधानों में सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। औद्योगिक ऑटोमेशन और स्थिरता के क्षेत्रों में स्विस विशेषज्ञता का लाभ उठाकर मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को और मजबूत करने पर सहमति बनी। साथ ही नवकरणीय ऊर्जा, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी रेखांकित की गईं।
चर्चा के दौरान स्विस संसदीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक परिवर्तन (इंडस्ट्रियल ट्रांजिशन) और सतत विकास जैसे विषयों पर नीति स्तर पर अनुभवों और दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान करना है। इसके साथ ही राज्य की जलवायु और स्थिरता से जुड़ी पहलों में स्विस निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी पर भी चर्चा की गई।
बैठक में यह सहमति बनी कि नवकरणीय ऊर्जा और उन्नत निर्माण क्षेत्रों में तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मध्यप्रदेश के युवाओं को कौशल-संपन्न बनाने के अवसर तलाशे जाएंगे। हरित तकनीकों पर अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए स्विस विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त नवाचार की संभावनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश को स्विस यात्रियों के लिए हेरिटेज और इको-टूरिज्म के आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने तथा लोगों के बीच संबंध मजबूत करने के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों की योजना बनाने पर भी विचार किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दावोस यात्रा के दौरान यह संवाद अंतरराष्ट्रीय सहयोग को धरातल पर उतारने की दिशा में एक संतुलित और व्यावहारिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह चर्चा मध्यप्रदेश को सतत विकास, कौशल निर्माण और वैश्विक निवेश के नए अवसरों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।