भोपाल: मध्य प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए सरकार निवेश और अधोसंरचना विकास पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित ‘एमपी ट्रैवल मार्ट’ के दौरान देश-विदेश से आए पर्यटन निवेशकों, हॉस्पिटैलिटी कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में 2,948 करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापन (MoU) और लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार की योजना मध्य प्रदेश में पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं और बेहतर अधोसंरचना का विकास करने की है। इसके साथ ही ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

निवेश प्रस्तावों में फिल्म पर्यटन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कौशल विकास को भी शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
मध्य प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र में निवेश को आसान बनाने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम और त्वरित अनुमति प्रक्रिया पर जोर दे रही है। सरकार की ओर से निवेशकों को आवश्यक अधोसंरचना और अन्य सुविधाओं में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
प्रदेश में प्राकृतिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन निवेश को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य निवेश के साथ मध्य प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में और मजबूत पहचान दिलाना है।