शाजापुर: खरीफ सीजन के बीच किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने शाजापुर में प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। जिले भर के किसान कृषि उपज मंडी स्थित किसान भवन में एकत्रित हुए, जहां कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके बाद किसानों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर के नाम तहसीलदार जितेंद्र पोरवाल को 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगा।

खरीफ सीजन की समस्याओं को लेकर जताई नाराजगी
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि खरीफ फसल सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन किसान खाद, बीज, डीजल और सिंचाई संबंधी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार को तत्काल किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए ताकि खेती प्रभावित न हो।
डीजल वितरण व्यवस्था में बदलाव की मांग
ज्ञापन में किसानों ने 11 जून को जारी उस आदेश को निरस्त करने की मांग की, जिसके तहत डीजल को केन या टंकी में देने पर रोक लगाई गई है। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और बार-बार ट्रैक्टर या पंप लेकर पेट्रोल पंप तक जाना पड़ता है। उन्होंने पूर्व की व्यवस्था बहाल कर किसानों को डीजल केन में उपलब्ध कराने की मांग की।

बीज और खाद पर राहत की मांग
किसान संघ ने बताया कि पिछले वर्ष फसल खराब होने के कारण इस बार गुणवत्तापूर्ण बीजों की कमी है। बाजार में सोयाबीन बीज की कीमतें 12 हजार से 14 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं।किसानों ने सरकार से 75 प्रतिशत अनुदान पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की मांग की है।इसके साथ ही एनपीके खाद के दामों में हुई वृद्धि पर भी नाराजगी जताई गई। किसानों का कहना है कि खाद की कीमत 1900 रुपये से बढ़कर 2450 रुपये प्रति बोरी हो गई है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। उन्होंने पुराने दरों पर खाद उपलब्ध कराने या प्रति बोरी 500 रुपये की सब्सिडी देने की मांग की।
यूरिया उपलब्ध कराने की मांग
ज्ञापन में सोयाबीन फसल की बेहतर बढ़वार के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में खाद की कमी से उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
सोलर पंप और बिजली संबंधी मांगें
भारतीय किसान संघ ने कृषि पंपों की हॉर्स पावर (HP) बढ़ाने संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही सोलर पंप योजना के लिए नए आवेदन आमंत्रित करने तथा पुराने आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ देने की मांग भी की गई है।
नकली खाद और बीज बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग
किसानों ने जिले में नकली खाद और बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। संघ का कहना है कि ऐसे विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल निरस्त किए जाएं और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान की मांग की है।ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले भर से आए बड़ी संख्या में किसान और किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।