मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एनएसयूआई ने प्रदेश सरकार से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग उठाई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर संगठन की आगामी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव की बहाली के लिए एनएसयूआई लगातार प्रयासरत रहा है और इस दिशा में न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की गई थी।
आशुतोष चौकसे ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव की वापसी छात्रों के संघर्ष और लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई चाहती है कि चुनाव ऐसी व्यवस्था के तहत हों, जिसमें प्रत्येक छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सीधे अपने प्रतिनिधि का चयन कर सके।

एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से आयोजित किए जाएं। संगठन का कहना है कि इससे छात्रों की भागीदारी बढ़ेगी और वे अपने प्रतिनिधियों को सीधे चुन सकेंगे।
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया है कि छात्रसंघ चुनाव के मुद्दे पर संगठन पीछे नहीं हटेगा। आशुतोष चौकसे ने कहा कि यदि सरकार ने प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का निर्णय नहीं लिया या छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की गई, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर अब सभी की निगाहें प्रदेश सरकार के अगले निर्णय पर हैं। आने वाले समय में यह तय होगा कि चुनाव किस प्रक्रिया के तहत आयोजित किए जाएंगे।