मध्य प्रदेश सरकार उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है जो निष्क्रिय रहते हैं और आदतन देर से कार्यालय पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय मुख्यालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए नयी बायोमेट्रिक प्रणाली शुरू कर रहे हैं। लेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रबंधित इस पहल का उद्देश्य पूरे राज्य में ई-अटेंडेंस लागू करना है।
देरी से कार्यालय पहुंचनेपर पर होगी वेतन कटौती
एक बार नई प्रणाली लागू हो जाने के बाद, कर्मचारियों को समय पर अपने कार्यालय पहुंचना होगा, क्योंकि लगातार देरी से स्वचालित वेतन कटौती होगी। वर्तमान में, उपस्थिति की निगरानी एक मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाती है जो स्थान, वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करता है, लेकिन यह विधि प्रभावी साबित नहीं हुई है। कर्मचारियों के समय पर दफ्तर नहीं पहुंचने की लगातार मिल रही शिकायतों के चलते राज्य सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी कर समय की पाबंदी पर जोर दिया है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि COVID-19 महामारी के कारण, पांच-दिवसीय कार्यसप्ताह (सोमवार से शुक्रवार) प्रभावी है, और कार्यालय समय को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक समायोजित किया गया है। कर्मचारियों को इन समयों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
बायोमेट्रिक ई-अटेंडेंस मशीनों का कार्यान्वयन
वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन सहित सभी संभागीय और जिला कार्यालयों में सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी। कर्मचारियों को कार्यालय में आगमन और प्रस्थान दोनों समय इन बायोमेट्रिक मशीनों का उपयोग करके अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी, जिससे वास्तविक समय में उपस्थिति ट्रैकिंग सुनिश्चित होगी।