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लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेते BEO ऑफिस का बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के बड़वानी में एक और घूसखोर बाबू गिरफ्तार। आरोपी ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजी कार्यों और वेतन भुगतान के बदले पैसों की मांग की थी।

By: Naredra 
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लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाईः रिश्वत लेते BEO ऑफिस का बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार

बड़वानीः मध्यप्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने बड़वानी जिले के राजपुर में बड़ी कार्रवाई की है। जहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 और लेखा शाखा प्रभारी प्रदीप मंडलोई को 7,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक से उनकी बहू की अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजी कार्यों और वेतन भुगतान के बदले पैसों की मांग की थी। राजपुर बीईओ कार्यालय (जनजातीय कार्य विभाग) में हुई इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हडक़ंप मच गया है।

लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपी को उस वक्त दबोचा जब वह आवेदक से रिश्वत की राशि स्वीकार कर रहा था। आरोपी प्रदीप मंडलोई खरगोन जिले के रायबीडपुरा का निवासी है। लोकायुक्त टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। विभाग अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रहा है।

आवेदक बाबूलाल नरगांवे, जो माध्यमिक विद्यालय देवला से उच्च श्रेणी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्होंने इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाई। उनके पुत्र विशाल नरगांवे की मृत्यु के बाद उनकी पुत्रवधू को शाउमावि जुलवानिया में भृत्य के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। आरोपी प्रदीप मंडलोई ने पुत्रवधू का प्रान (पीआरएएन) नंबर भोपाल से शीघ्र मंगवाने और उसके बाद वेतन निकलवाने के एवज में 8,000 रुपए की मांग की थी। सौदा 7,000 रुपए में तय हुआ, जिसे लेते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त) राजेश सहाय ने तत्काल सत्यापन कराया। पुष्टि होते ही कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम में विवेक मिश्रा, विजय कुमार, सतीश यादव, पवन पटोरिया, आदित्य भदौरिया और श्रीकृष्णा अहिरवार शामिल रहे।

बता दें कि, बड़वानी जिले में लोकायुक्त की यह पिछले एक महीने में तीसरी कार्रवाई है। इससे पहले मार्च महीने में दो बार लोकायुक्त ने रिश्वतखोरों को गिरफ्तार किया था।

बड़वानी से संवाददाता लोकेश दावदे की रिपोर्ट

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