कोरोना का कहर दिल्ली में आफत बनकर टूट रहा है। कोरोना से हुईं मौतों का सामने आया आंकड़ा खासा डराने वाला है। यह आंकड़ा अब तक हुईं सबसे ज़्यादा मौतों का है। बीते 5 महीनों में से कोई भी एक महीना ऐसा नहीं है जिसमें ज़्यादा मौतें हुई हों, लेकिन नवंबर के 23 दिन में हुईं मौतों ने सभी 5 महीनों को पीछे छोड़ दिया है।
वहीं बीते 4 दिनों से हर रोज़ दिल्ली में कोरोना के चलते 100 से ज़्यादा मौतें हो रही हैं। पिछले 24 घंटे में ही 121 मौत हो चुकी हैं। आज कोरोना के मद्देनज़र अलग-अलग राज्यों के मौजूदा हालातों पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के सीएम समेत दूसरे राज्यों के सीएम संग वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये बात की।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम नरेंद्र मोदी से कहा कि कोरोना के मामलों में हुई बढोतरी के कई कारण हैं। प्रदूषण भी इसका एक अहम कारण है। पराली के समाधान के लिए पूसा के वैज्ञानिकों ने एक बायो डी कंपोजर बनाया है जिसका इस्तेमाल सभी राज्य कर सकते हैं।
वहीं इस पूरे मामले पर दिल्ली में सियासत भी काफ़ी ज़्यादा गर्म है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार कोरोना के संक्रमण को रोकने में विफल रही है जिसके नतीजे अब देखने को मिल रहे हैं।
एक्सपर्ट की मानें तो दिसंबर में हालात और भी ज़्यादा बिगड़ सकते हैं, क्योंकि ठंड में कोरोना का प्रकोप और भी ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो सकता है। मौत के इन लगातार बढ़ते आंकड़ों पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने अपने एक जवाब में कहा कि पराली के जलने से जो प्रदूषण हुआ था उसकी वजह से केस खराब हुए हैं।
जो कोविड पीड़ित थे उनके केस काफी खराब हुए और इस वजह से डेथ रेट में इजाफा हुआ। पिछले तीन-चार दिन से प्रदूषण काफी कम है इसका प्रभाव देखने को मिलेगा और मौत कम होंगी।