भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रसेवी स्वर्गीय अशोक सिंहल को याद करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी सेवाओं और समाज के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा। भोपाल के नवनिर्मित रविंद्र भवन में अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी वर्ष के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार विश्व हिंदू परिषद के शताब्दी वर्ष से जुड़े आयोजनों और सामाजिक समरसता के कार्यक्रमों में आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंहल ने सामाजिक विसंगतियों के दौर में समाज को एकजुट करने और राष्ट्रीय एकात्मता की भावना को मजबूत करने के लिए काम किया। उन्होंने बताया कि सिंहल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रसेवा और सुशासन के लिए अपना आशीर्वाद भी दिया था। डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रनीति और सामाजिक सद्भाव को आगे बढ़ाने में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने देश में अनुच्छेद 370 हटाए जाने, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई तथा विकास के लिए बने वातावरण का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में पहल की गई है। उनके अनुसार, इस पहल को विभिन्न समुदायों की ओर से व्यापक समर्थन मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए समाज की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में गौ-संरक्षण से जुड़े प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में ‘घर-घर गोपाल’ की अवधारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी गौशालाओं के साथ शहरों में मौजूद कांजी हाउस को देखभाल केंद्र के रूप में विकसित करने पर काम किया जा रहा है। वृद्ध गोवंश के लिए आहार की व्यवस्था तथा पंचायत स्तर तक गौपालन और संरक्षण को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर साल उन्नत नस्ल की देसी बछिया वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। गिर नस्ल के पशुधन को बढ़ावा देकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिली है। उन्होंने आने वाले समय में मथुरा से जुड़े धार्मिक आयोजनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जन्माष्टमी और गोवर्धन जयंती जैसे पर्व सामाजिक सहभागिता और सामूहिक उत्सव की भावना के साथ मनाए जा रहे हैं।