नई दिल्ली : देश में जारी किसान आंदोलन का बवाल अभी थमा भी नहीं था कि एक बार फिर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान दिया है। जिसमें उन्होंने अयोध्या में बनने वाली मस्जिद और वहां नमाज पढ़े जाने दोनों को हराम बताया है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अगर कोई अयोध्या की मस्जिद में नमाज पढ़ता है तो वह ‘हराम’ मानी जाएगी।
बता दें कि ओवैसी ने ये बयान दक्षिण राज्य कर्नाटक के बीदर इलाके में ‘सेव कॉन्स्टिटूशन सेव इंडिया के कार्यक्रम’ को संबोधित करते हुए दिये। ओवैसी ने कहा कि अयोध्या के धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है। इसलिए उसे मस्जिद नहीं कहा जा सकता. इतना नहीं नहीं ओवैसी ने यह भी कहा कि मस्जिद के निर्माण के लिए डोनेशन देना और वहां नमाज पढ़ना दोनों ही ‘हराम’ हैं।
ओवैसी ने आगे कहा, ”मुनाफ़िक़ों की जमात जो बाबरी मस्जिद के बदले पांच एकड़ ज़मीन पर मस्जिद बनवा रहे हैं, वो मस्जिद नहीं बल्कि ‘मस्जिद-ए-ज़ीरार’ है।” उन्होंने कहा कि, ”अयोध्या की मस्जिद को चंदा देना हराम है। कोई वहां चंदा न दें। अगर चंदा देना है तो बीदर में किसी अनाथ को चंदा दे दें।”
आपको बता दें कि ओवैसी के इस बयान के बाद उनकी जमकर आलोचना हो रही है। बता दें कि मस्जिद ट्रस्ट के सचिव और इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अतहर हुसैन समेत कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मामले को लेकर अपना निर्णय सुनाया था। जिसमें कोर्ट ने कहा था कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को सरकार अयोध्या में कहीं पांच एकड़ जमीन दे दे। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या के धनीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन दे दी थी, जिसपर अब मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है। इसे लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं की ओर से नक्शा भी पास कर दिया गया है, जिसका जल्द ही निर्माण होना है।