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पन्ना आयुष अस्पताल की जर्जर इमारत बनी खतरा, फर्श धंसने से पंचकर्म सेवा बंद

मध्यप्रदेश के पन्ना आयुष अस्पताल की जर्जर इमारत मरीजों और कर्मचारियों के लिए खतरा बनी हुई है। भवन की दीवारों में दरारें हैं और कई जगह फर्श करीब एक फुट तक धंस गया है। सुरक्षा के मद्देनजर पंचकर्म सेवा बंद कर दी गई है। डॉक्टर अभिलाषा द्विवेदी के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार के जरिए स्थिति की जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक सुधार कार्य नहीं हुआ है। अब भवन की तकनीकी जांच और तत्काल मरम्मत की मांग उठ रही है।

By: Nivedita 
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पन्ना आयुष अस्पताल की जर्जर इमारत बनी खतरा, फर्श धंसने से पंचकर्म सेवा बंद

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आयुष अस्पताल के भवन की खराब हालत मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं, वहीं कई स्थानों पर फर्श करीब एक फुट तक धंस चुका है। भवन की इस स्थिति के चलते हादसे की आशंका बनी हुई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में पंचकर्म सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।

दीवारों में दरारें, धंसता फर्श बना परेशानी

पन्ना आयुष अस्पताल की इमारत लंबे समय से खराब स्थिति में बताई जा रही है। भवन की दीवारों में दरारें और फर्श का धंसना मरीजों के साथ अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी जोखिम पैदा कर रहा है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

हादसे के खतरे के कारण पंचकर्म सेवा बंद

अस्पताल की डॉक्टर अभिलाषा द्विवेदी के अनुसार, फर्श धंसने से मरीजों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। ऐसी स्थिति में मरीजों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। भवन की खराब हालत के कारण पंचकर्म सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे अस्पताल में उपलब्ध इस उपचार सुविधा पर असर पड़ा है।

 

 

वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई जानकारी

डॉ. अभिलाषा द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल भवन की स्थिति के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक सुधार कार्य शुरू नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में भवन की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

तकनीकी जांच और मरम्मत की मांग

अस्पताल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने की जरूरत है। साथ ही, जोखिम वाले हिस्सों को सुरक्षित करने और आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने की मांग उठ रही है। विशेषज्ञों की जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि भवन कितना सुरक्षित है और उसे उपयोग में लेने के लिए किन सुधारों की आवश्यकता है।

मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल

आयुष अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। भवन की जर्जर हालत और पंचकर्म सेवा बंद होने से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब सवाल यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए जाने के बाद भी सुधार कार्य में देरी क्यों हो रही है और मरीजों व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। फिलहाल, अस्पताल भवन की तकनीकी जांच, जरूरी मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई को लेकर प्रशासन के अगले कदमों पर नजर बनी हुई है।

 

रिपोर्ट – राजेश रावत

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