पन्ना के मझगाय बांध परियोजना में जलभराव के बीच ग्रामीणों का जल-सत्याग्रह 15वें दिन भी जारी है। ग्रामीणों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर ‘चिता आंदोलन’ शुरू किया है।
पन्ना के मझगाय बांध परियोजना में जलभराव के बीच ग्रामीणों का जल-सत्याग्रह 15वें दिन भी जारी है। ग्रामीणों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर ‘चिता आंदोलन’ शुरू किया है।
पन्ना में विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों का मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन 12वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने चिता, जल और फांसी सत्याग्रह के बाद अब सूली सत्याग्रह शुरू किया। आंदोलन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावित परिवारों ने अपने अधिकारों और उचित मुआवजे की मांग उठाई।
पन्ना में मझगाय बांध और केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में विस्थापितों के ‘चिता आंदोलन’ के बीच 78 वर्षीय रमिया बाई आदिवासी की मौत हो गई। आंदोलनकारियों ने मौत को विस्थापन और मुआवजे से जुड़ी परेशानियों से जोड़ा है, जबकि प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मौत का कारण पेट दर्द बताया और मुआवजे के भुगतान की जानकारी दी।
पन्ना के मझगांय बांध का जलस्तर बढ़ने के बीच डूब क्षेत्र के ग्रामीणों ने विस्थापन और लंबित मुआवजे की मांग को लेकर जय किसान संगठन के बैनर तले ‘चिता आंदोलन’ फिर शुरू किया है। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में ग्रामीण पारदर्शी सर्वे, त्वरित पुनर्वास और कथित मुआवजा अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को जिला कांग्रेस कमेटी का समर्थन भी मिला है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना और अन्य योजनाओं से प्रभावित विस्थापित परिवारों का छतरपुर-पन्ना क्षेत्र में ‘चिता आंदोलन’ छठवें दिन भी जारी है। ग्रामीण मुआवजा, पुनर्वास और कथित भ्रष्टाचार की जांच सहित कई मांगों को लेकर आमरण अनशन, मिट्टी सत्याग्रह और जल सत्याग्रह कर रहे हैं। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।