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महाराष्ट्र: शाम को 162 विधायकों की परेड कराएगी शिवसेना

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महाराष्ट्र में चल रहे हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच बहुमत परीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट कल अपना निर्णय देगा। इस बीच महाराष्ट्र का सियासी घटनाक्रम में अपने-अपने पाले के विधायकों को बचाए रखने की कवायद तेज हो गई है। विधायकों को दूसरे होटल में शिफ्ट करने के बाद अब, शिवसेना नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से कहा है कि, हम शाम 7 बजे होटल ग्रैंड हयात में गठबंधन के 162 विधायकों की परेड करा रहे हैं। बताते चलें कि तीनों दलों के विधायक फिलहाल अलग-अलग होटल में रखे गए हैं और तीनों पार्टी अपने अपने विधायकों पर पैनी नजर गड़ाए हुए है।

बहुमत परीक्षण से पहले नए होटल में शिफ्ट हुए शिवसेना विधायक

महाराष्ट्र में चल रहे हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच बहुमत परीक्षण का दिन अभी तय नहीं हुआ है कि लेकिन उससे पहले अपने-अपने पाले के विधायकों को बचाए रखने की कवायद तेज हो गई है। जहां शिवसेना ने NCP और कांग्रेस के साथ 162 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा, वहीं दूसरी और अब शिवसेना ने अपने विधायकों का पुराना ठिकाना बदल दिया है। NCP और Congress के नेता भी होटलों में अपने विधायकों की किलेबंदी कर रहे हैं।

शिवसेना के 55 विधायक अभी तक द ललित होटल में ठहरे हुए थे। सोमवार दोपहर विधायकों को एक दूसरे होटल लेमन ट्री प्रीमियर में भेज दिया गया है। इसके साथ ही NCP, कांग्रेस और शिवसेना के विधायक जिन होटलों में ठहरे हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रविवार देर शाम शिवसेना ने नए-नवेले 202 कमरों वाले लेमन ट्री प्रीमियर में अपने विधायकों के रुकने के लिए कमरे बुक कराए। NCP ने अपने विधायकों को हयात होटल में ठहराने का इंतजाम किया है। कांग्रेस ने अपने 44 विधायकों के लिए जेडब्ल्यू मैरियट होटल में टिकने की व्यवस्था की है।

क्या कहा Supreme Court ने

बताते चलें कि, महराष्ट्र में तीन दिनों से जारी राजनीतिक उठापठक के बीच Supreme Court ने देवेंद्र फडणवीस सरकार के गठन को चुनौती देने वाली कांग्रेस, NCP और शिवसेना की याचिक को छुट्टी के दिन सुना। तीनों जजों की बेंच ने कहा कि बेशक बहुमत साबित करने का फ्लोर टेस्ट ही तरीका है, लेकिन हम पहले फडणवीस की ओर से दिए गए विधायकों के समर्थन वाले पत्र और राज्यपाल से मिली सरकार बनाने की चिट्ठी देखना चाहते हैं। उसके बाद उचित आदेश जारी हो सकता है।

गवर्नर सीधे केंद्र के निर्देश पर काम कर रहे हैं ?

उन्होंने आगे कहा कि बिना कैबिनेट मीटिंग के राष्ट्रपति शासन हटाना अजीब और लोकतंत्र की हत्या है। सरकार बनाने की मंजूरी तब दी, जब NCP के 41 एमएलए साथ नहीं हैं। लगता है कि गवर्नर सीधे केंद्र के निर्देश पर काम कर रहे हैं।

राकांपा के 3 विधायक सोमवार सुबह लौटे मुंबई

राकांपा के 3 विधायक जो अजित पवार के शपथ ग्रहण के बाद से गायब थे, सोमवार सुबह मुंबई लौट आए। कहा जा रहा है कि वे गुड़गांव के होटल में रुके थे। इनमें विधायक दौरत दरौडा, नितिन पवार और अनिल पाटिल शामिल हैं।

पूरी पार्टी तय करती है कि किसके साथ जाना है किसके साथ नहीं: शरद पवार

महाराष्ट्र के कराड में पूर्व मुख्यमंत्री यशवंतराव चाव्हाण की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में सोमवार को शामिल हुए शरद पवार ने कहा कि, पार्टी में कोई एक व्यक्ति तय चीजें नहीं करता, पूरी पार्टी तय करती है कि किसके साथ जाना है किसके साथ नहीं जाना है।

कांग्रेस, शिवसेना और रांकपा मिलकर सरकार बनाने वाली थी। अजित के फैसले से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं। उनसे कोई बातचीत नहीं हुई, हमें 5 साल सरकार चलानी थी। दो अलग-अलग विचारधाराओं की पार्टियों को एक साथ लाना था। इसलिए इतना समय लगा।

पवार ने आगे कहा कि, जॉर्ज फर्नांडीस जैसे लोगों के साथ भी अटल जी ने सरकार बनाई, तब भी हमने देखा उस समय वाजपेयी साहब ने सबको इकट्ठा बैठाया। भाजपा के जितने भी विवादित इश्यू थे, उनको किनारे रखा और एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय करके सरकार चलाई।

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